बालोद। शिक्षा केवल पुस्तकों और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। एक शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार, समर्पण और सेवाभाव से विद्यार्थियों के साथ-साथ पूरे समाज के भविष्य को आकार देता है। इसी सोच के साथ दर्शन बालोद द्वारा ऐसे शिक्षकों को पहचान और सम्मान का मंच देने की पहल की जा रही है, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, लेकिन अब तक किसी बड़े मंच पर सम्मानित होने का अवसर उन्हें नहीं मिल पाया है। इसी उद्देश्य से ‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस सम्मान के लिए गूगल फॉर्म भरने की अंतिम तिथि पहले 25 अगस्त 2026 निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 5 सितंबर 2026 कर दिया गया है। वहीं सम्मान समारोह की तारीख भी तय कर दी गई है। आगामी 20 सितंबर 2026, रविवार को बालोद जिला मुख्यालय में जय स्तंभ चौक के पास स्थित कला केंद्र में विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों पर विशेष फोकस
‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ में विशेष रूप से वनांचल, दुर्गम एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही शासकीय विद्यालयों, निजी विद्यालयों, सरस्वती शिशु मंदिर सहित अन्य विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थाओं में सेवाएं दे रहे शिक्षक भी इस सम्मान के लिए प्रविष्टियां भेज सकते हैं।
आयोजकों का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को पहचान दिलाना है, जो सीमित संसाधनों, सुविधाओं और कई बार सीमित मानदेय के बावजूद पूरी निष्ठा एवं सेवाभाव से विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई, संस्कार, प्रतिभा विकास और बेहतर भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने वाले शिक्षकों के कार्यों को समाज के सामने लाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता
इस आयोजन में ऐसे शिक्षकों को विशेष रूप से सामने लाया जाएगा, जिन्होंने कम संसाधनों, आर्थिक कठिनाइयों अथवा शारीरिक चुनौतियों के बावजूद विद्यार्थियों को बेहतर परिणाम दिलाने और उनके भविष्य को संवारने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया है।
खासतौर पर वनांचल एवं दूरस्थ क्षेत्रों में वर्षों से सेवा दे रहे ऐसे शिक्षक, जो गुमनामी में रहकर भी अपने विद्यालय और विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, उन्हें सम्मान के लिए सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
दर्शन बालोद की संपादक स्वयं निजी विद्यालय में कर रही शिक्षा सेवा
‘गुरु गौरव सम्मान’ की इस पहल के पीछे शिक्षा के क्षेत्र में सेवा करने वाले शिक्षकों के कार्यों को करीब से समझने का अनुभव भी जुड़ा है। दर्शन बालोद एक मीडिया संस्थान है, जिसके प्रधान संपादक दीपक यादव हैं तथा संपादक माधुरी यादव हैं।
दर्शन बालोद की संपादक माधुरी यादव स्वयं सरस्वती शिशु मंदिर, जगन्नाथपुर में पिछले चार वर्षों से अल्प मानदेय पर सेवा भाव से विद्यार्थियों को शिक्षित कर रही हैं। सीमित मानदेय के बावजूद बच्चों की शिक्षा और संस्कार के लिए निरंतर कार्य करने का उनका अनुभव ग्रामीण एवं निजी विद्यालयों में सेवा दे रहे शिक्षकों की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का आधार भी बना है।
इसी सोच के साथ ‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ को केवल पुरस्कार देने का कार्यक्रम न बनाकर उन शिक्षकों की मेहनत, संघर्ष और सेवाभाव को समाज के सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकारी और निजी विद्यालयों के शिक्षक एक मंच पर
आयोजन में शासकीय और निजी विद्यालयों के उत्कृष्ट शिक्षकों को एक मंच पर लाकर सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षक का योगदान केवल विद्यालय के प्रकार से निर्धारित नहीं होता, बल्कि शिक्षक की मेहनत, नवाचार, सेवाभाव और विद्यार्थियों पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव से होता है।
इसलिए सरस्वती शिशु मंदिर सहित निजी विद्यालयों में सेवा दे रहे शिक्षकों को भी समान अवसर दिया जा रहा है।
बालोद के साथ पूरे छत्तीसगढ़ से आ रही प्रविष्टियां
‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ के लिए केवल बालोद जिले से ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों से भी उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की प्रविष्टियां प्राप्त हो रही हैं।
विशेष रूप से वनांचल क्षेत्र, दुर्गम गांवों और संसाधनों की कमी वाले विद्यालयों में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को इस मंच से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनकी सेवाओं और उपलब्धियों को व्यापक पहचान मिल सके।
शिक्षक स्वयं भी कर सकते हैं आवेदन, कोई भी कर सकेगा नामांकन
इस सम्मान की खास बात यह है कि शिक्षक स्वयं भी अपनी प्रविष्टि भेज सकते हैं। इसके अलावा विद्यार्थी, पूर्व विद्यार्थी, अभिभावक, सहकर्मी शिक्षक, प्रधानाचार्य, विद्यालय प्रबंधन अथवा समाज का कोई भी व्यक्ति ऐसे शिक्षक का नामांकन कर सकता है, जिसे वह इस सम्मान का वास्तविक हकदार मानता है।
ऐसे शिक्षकों तक पहुंचना इस पहल का उद्देश्य है, जो स्वयं प्रचार से दूर रहते हैं और अपनी उपलब्धियों के बारे में आगे नहीं आते।
प्रविष्टि में देनी होगी महत्वपूर्ण जानकारी
नामांकन के दौरान शिक्षक का नाम, मोबाइल नंबर, पद, विद्यालय एवं संस्था की जानकारी, शिक्षण अनुभव, उत्कृष्ट कार्य, नवाचार, विद्यार्थियों एवं समाज पर प्रभाव, सीमित संसाधनों में किए गए कार्य, वनांचल या ग्रामीण क्षेत्र में सेवा, उपलब्धियां तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
नामांकनकर्ता शिक्षक के कार्य से संबंधित फोटो, प्रमाण-पत्र, समाचार, वीडियो अथवा अन्य प्रमाण भी उपलब्ध करा सकते हैं। आवश्यकता के अनुसार इन उपलब्धियों की जांच एवं सत्यापन किया जाएगा।
100 अंकों की मूल्यांकन प्रक्रिया से होगा चयन
‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ को अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के लिए शिक्षकों के चयन हेतु 100 अंकों की मूल्यांकन प्रक्रिया प्रस्तावित की गई है।
मूल्यांकन में प्रमुख रूप से—
- वनांचल अथवा दुर्गम क्षेत्र में शिक्षा सेवा
- शिक्षण में नवाचार एवं रचनात्मक प्रयोग
- विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव
- सामाजिक योगदान
- सीमित संसाधनों में किए गए उल्लेखनीय कार्य
- आर्थिक एवं अन्य कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा सेवा
- बिना प्रचार-प्रसार के निरंतर उत्कृष्ट कार्य
- समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास
जैसे पहलुओं को महत्व दिया जाएगा।
‘गुमनाम गुरु’ को सामने लाने की पहल
दर्शन बालोद की इस पहल का मूल उद्देश्य ऐसे ‘गुमनाम गुरु’ को सामने लाना है, जिनकी मेहनत का व्यापक प्रचार भले ही न हुआ हो, लेकिन उनके प्रयासों से विद्यार्थियों का जीवन बदल रहा है।
कई शिक्षक वर्षों से बिना किसी सम्मान या प्रचार की अपेक्षा के अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। विशेषकर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों के बीच शिक्षा की अलख जगा रहे शिक्षकों को सम्मानित कर उनके कार्यों को समाज के लिए प्रेरणा बनाने का प्रयास किया जाएगा।
5 सितंबर तक भेजें प्रविष्टि, 20 सितंबर को होगा सम्मान
‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ के लिए प्रविष्टि/गूगल फॉर्म भरने की अंतिम तिथि अब 5 सितंबर 2026 कर दी गई है। पहले यह तिथि 25 अगस्त 2026 निर्धारित थी।
सम्मान समारोह — 20 सितंबर 2026, रविवार
स्थान — कला केंद्र, जय स्तंभ चौक के पास, बालोद
नामांकन शुल्क ₹500
‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ के लिए नामांकन/प्रविष्टि शुल्क ₹500 निर्धारित है। शुल्क का भुगतान 9755235270 नंबर पर किया जा सकता है।
रजिस्ट्रेशन के लिए निर्धारित गूगल फॉर्म भर सकते हैं अथवा अपनी जानकारी 9755235270 पर व्हाट्सऐप के माध्यम से भेज सकते हैं।
दर्शन बालोद परिवार की अपील है कि यदि आपके आसपास कोई ऐसा शिक्षक है, जो बिना किसी स्वार्थ और प्रचार के विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में जुटा है, तो उसकी प्रविष्टि अवश्य भेजें।
“सम्मान उन्हीं का, जिनकी सेवा ने बिना शोर किए समाज को गढ़ा।”
दर्शन बालोद
पत्रकारिता का नया युग प्रारंभ
प्रायोजक : NTCF — Novel Teacher's Creative Foundation
‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ — उन शिक्षकों के सम्मान का मंच, जिन्होंने बिना शोर किए शिक्षा की ज्योति को आगे बढ़ाया।
ध्यान दीजिए
*गुरु गौरव सम्मान हेतु गूगल फॉर्म भरने में अगर किसी को दिक्कत आ रही है तो इन प्रश्नों के जवाब के साथ हमें फोटो वगैरा सीधे व्हाट्सएप नंबर 9755235270 पर करके अपनी प्रविष्टि भेज सकते हैं। हम उन्हें ऑनलाइन अपलोड कर लेंगे।*
*गुरु गौरव सम्मान 2026 - दर्शन बालोद द्वारा विशेष पहल*
*सह-प्रायोजक — NTCF (Novel Teachers Creative Foundation)*
*शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजन 20 सितंबर को बालोद में*
*शिक्षा के क्षेत्र में छिपी प्रतिभाओं को सम्मान देने की पहल*
*दर्शन बालोद द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में बिना किसी प्रचार-प्रसार के समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्य कर रहे शिक्षकों को पहचान देने के उद्देश्य से “गुरु गौरव सम्मान 2026” की शुरुआत की जा रही है।*
*इस सम्मान का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को मंच प्रदान करना है, जिन्हें अब तक किसी बड़े सम्मान या मंच का अवसर नहीं मिल पाया है, लेकिन वे अपने ज्ञान, नवाचार, समर्पण और सेवाभाव से विद्यार्थियों एवं समाज के भविष्य को बेहतर बनाने में निरंतर योगदान दे रहे हैं।*
*विशेष रूप से वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक, शासकीय विद्यालयों के शिक्षक, निजी विद्यालयों/कोचिंग सेंटर के शिक्षक, सरस्वती शिशु मंदिर सहित कम संसाधनों एवं सीमित मानदेय में शिक्षा सेवा दे रहे शिक्षक इस पहल के लिए आमंत्रित हैं,प्रविष्टि हेतु 500 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस रखा गया है, पंजीयन की अंतिम तिथि 5 सितंबर तक है। रजिस्ट्रेशन फीस आप हमारे नंबर 9755235270 पर ऑनलाइन भेजकर स्क्रीन शॉट वाट्सएप करिए।*
*यदि आपके आसपास कोई ऐसा शिक्षक है जो वास्तव में सम्मान का हकदार है, तो आप स्वयं उसकी प्रविष्टि भर सकते हैं।*
*“सम्मान उन्हीं का, जिनकी सेवा ने बिना शोर किए समाज को गढ़ा।”*
*इन प्रश्नों के जवाब हमें भेजिए*
*शिक्षक की जानकारी*
शिक्षक का पूरा नाम-
शिक्षक का मोबाइल नंबर-
शिक्षक की आयु-
वर्तमान पद/जिम्मेदारी,उदाहरण: शिक्षक, प्रधान पाठक, प्राचार्य, शिक्षिका आदि।
विद्यालय/संस्था का पूरा नाम-
विद्यालय का प्रकार-
*
शासकीय विद्यालय
निजी विद्यालय
सरस्वती शिशु मंदिर
अनुदान प्राप्त विद्यालय
आश्रम/छात्रावास विद्यालय
अन्य
विद्यालय/संस्था का पूरा पता-
*
विकासखंड-
*
जिला-
*शिक्षक कितने वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं?-*
*आप इस शिक्षक को/ स्वयं को “गुरु गौरव सम्मान” के लिए क्यों योग्य मानते हैं?-*
*कृपया शिक्षक के कार्य, समर्पण, उपलब्धियों एवं विशेष योगदान का संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट विवरण दें।-*
शिक्षक द्वारा किए गए ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं, जो उन्हें अन्य शिक्षकों से अलग बनाते हैं?-
*कृपया शिक्षक के कार्य, समर्पण, उपलब्धियों एवं विशेष योगदान का संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट विवरण दें।-*
*क्या शिक्षक ने विद्यार्थियों के लिए कोई विशेष नवाचार/नई शिक्षण पद्धति अपनाई है?-*
यदि हां, तो उसका विवरण दें:-
*शिक्षक द्वारा विद्यार्थियों एवं समाज के लिए किए गए विशेष कार्यों का विवरण दें।*-
उदाहरण: गरीब विद्यार्थियों की सहायता, अतिरिक्त कक्षाएं, कमजोर विद्यार्थियों को पढ़ाना, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना, डिजिटल शिक्षा, खेल/कला/सांस्कृतिक गतिविधियां, पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता आदि।
*क्या शिक्षक ने सीमित संसाधनों में कोई उल्लेखनीय कार्य किया है?-*
*
*क्या शिक्षक वनांचल/दूरस्थ/ग्रामीण क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं?*-
*
यदि हां, तो उस क्षेत्र में शिक्षक के कार्य एवं चुनौतियों का विवरण दें।
*क्या शिक्षक ने आर्थिक या अन्य कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा सेवा जारी रखी है?-*
*
*शिक्षक की प्रमुख उपलब्धियां/सम्मान/पुरस्कार, यदि कोई हों-*
*
*क्या शिक्षक के कार्य से संबंधित कोई समाचार, प्रमाण-पत्र, फोटो, वीडियो या अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं?*
*
हाँ
नहीं
*शिक्षक के उत्कृष्ट कार्य से संबंधित फोटो/दस्तावेज अपलोड करें या फिर हमें 9755235270 पर वाट्सएप करे।*
निर्देश: अधिकतम 5 फाइलें अपलोड करें।-
फोटो स्पष्ट एवं वास्तविक गतिविधियों से संबंधित हों।
*विद्यार्थियों एवं समाज पर प्रभाव*
*शिक्षक के कार्य से संबंधित समाचार/वीडियो/सोशल मीडिया लिंक, यदि उपलब्ध हो*-
*शिक्षक के कार्य से विद्यार्थियों को क्या लाभ मिला?-*
*
*शिक्षक के कार्य से विद्यालय/गांव/समाज में क्या सकारात्मक परिवर्तन आया?-*
*
*नामांकनकर्ता की जानकारी*
आपका पूरा नाम-
आपका मोबाइल नंबर-
शिक्षक से आपका संबंध-


