सुबह से भीग रहे बुजुर्ग की शाम को मिली जानकारी, पत्रकार और ग्रामीणों की तत्परता से टली अनहोनी
बालोद/जगन्नाथपुर। शनिवार 29 अगस्त को जगन्नाथपुर-सुंदरा मार्ग पर नाला के पास एक बुजुर्ग सुबह करीब 9 बजे से सड़क किनारे पड़े हुए थे। दिनभर लगातार बारिश के बीच वे भीगते और ठिठुरते रहे। शाम करीब 4 बजे इसकी जानकारी दर्शन बालोद के प्रधान संपादक दीपक यादव को मिली। उन्होंने तत्काल गांव के पंच यशवंत डोंगरे को इसकी सूचना दी और स्वयं मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग की मदद की।
मौके पर पहुंचे दीपक यादव ने बुजुर्ग को अपने कपड़े पहनाए। वहीं हेमलाल साहू, रूपराम साहू, यशवंत डोंगरे सहित अन्य ग्रामीणों ने बुजुर्ग को उठाने और संभालने में मदद की। बुजुर्ग चलने में असमर्थ नजर आ रहे थे। उनकी स्थिति को देखते हुए तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई।
अपना नाम टीकम यादव और गांव चिचबोड़ बताया
पूछताछ के दौरान बुजुर्ग ने अपना नाम टीकम यादव बताया और स्वयं को ग्राम चिचबोड़ (मोखा) का निवासी बताया। जब उनके रिश्तेदारों के संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने पहले देवीनवागांव और बाद में नवागांव में ससुराल होने की बात कही।
108 एंबुलेंस और 112 की टीम के पहुंचने से पहले दीपक यादव एवं यशवंत डोंगरे ने बुजुर्ग को बाइक से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का प्रयास किया। इसी दौरान रास्ते में 112 की टीम मिल गई। पुलिस टीम ने बुजुर्ग को सुरक्षित वाहन में बैठाया और उनके परिजनों की तलाश शुरू की।
गलत पते पर पहुंची टीम, फिर रिश्तेदारों से हुआ संपर्क
बुजुर्ग द्वारा बताए गए एक व्यक्ति के यहां टीम पहुंची, लेकिन वहां पता चला कि वह व्यक्ति बुजुर्ग का रिश्तेदार नहीं था। इसके बाद बुजुर्ग ने दरबारी नवागांव का नाम बताया। वहां टीम ने उनके रिश्तेदार एवं भांजे से संपर्क किया। भांजे ने बुजुर्ग को पहचान लिया, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित अपने घर ले जाया गया।
समय पर मदद से टली बड़ी अनहोनी
दिनभर बारिश में सड़क किनारे पड़े रहने के कारण बुजुर्ग की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई थी। यदि समय रहते उनकी मदद नहीं की जाती तो रात के समय उनकी परेशानी और बढ़ सकती थी। पत्रकार दीपक यादव, ग्रामीणों तथा 112 टीम में शामिल संदीप कुमार यादव के प्रयास से बुजुर्ग को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सका।
हालांकि घटना के बाद यह सवाल भी सामने आया है कि बुजुर्ग को जगन्नाथपुर-सुंदरा मार्ग पर किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा था। बुजुर्ग स्वयं भी इस संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे थे। इस पहलू की जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
पत्रकारिता के साथ मानवता की मिसाल
इस पूरी घटना में दर्शन बालोद मीडिया की पहल ने पत्रकारिता के सामाजिक सरोकार को भी सामने रखा। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग को बारिश से बचाना, ग्रामीणों की मदद जुटाना और पुलिस-112 टीम के सहयोग से उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने की पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
घटना यह संदेश भी देती है कि सड़क किनारे अथवा सार्वजनिक स्थान पर किसी असहाय व्यक्ति को देखकर नजरअंदाज करने के बजाय समय पर मदद और संबंधित विभाग को सूचना देना किसी की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
