14 साल बाद विद्युत व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, शहर-ग्रामीण क्षेत्र के कामकाज को अलग-अलग स्तर पर संभालने की तैयारी
बालोद। जिला मुख्यालय बालोद के बिजली कार्यालय को अब सब डिविजन से जोन का दर्जा मिल गया है। जिला बनने के करीब 14 साल बाद विद्युत विभाग के प्रशासनिक ढांचे में हुए इस बदलाव से शहर और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने का रास्ता साफ हुआ है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के 11 सितंबर 2026 के पुनर्गठन आदेश में बालोद को नए विद्युत जोन के रूप में शामिल किया गया है।
इस निर्णय पर भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री एवं जनसेवक राकेश यादव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के अध्यक्ष सुबोध सिंह तथा पूर्व अध्यक्ष रोहित यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है।
राकेश यादव ने बताया कि उन्होंने 10 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र भेजकर बालोद शहर में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी का नया सहायक अभियंता कार्यालय शुरू करने की मांग की थी। इसके बाद 20 जुलाई 2025 और 4 अगस्त 2025 को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को पत्र भेजकर बालोद शहर और बालोद ग्रामीण के लिए अलग-अलग वितरण केंद्र (डीसी) बनाने तथा बालोद शहर में नया सहायक अभियंता कार्यालय प्रारंभ करने की मांग रखी थी।
राकेश यादव के अनुसार, इन मांगों पर शासन स्तर पर कार्रवाई के बाद बालोद बिजली कार्यालय को सब डिविजन से जोन का दर्जा मिला है। उन्होंने कहा कि इससे शहर और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण में प्रशासनिक सुविधा बढ़ेगी और विभागीय कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
एई और जेई स्तर पर होगा काम का विभाजन
विभागीय व्यवस्था के अनुसार जोन स्तर पर एक सहायक अभियंता (एई) और दो कनिष्ठ अभियंता (जेई) की व्यवस्था रहेगी। सीएसईबी के एई हेमंत हिरवानी ने भी बालोद बिजली कार्यालय को जोन का दर्जा मिलने की पुष्टि की है। उनके अनुसार क्षेत्र और जिम्मेदारियों के विभाजन से मौजूदा कार्यभार कम करने में मदद मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग से जेई की जिम्मेदारी तय की जा सकेगी।
जोन का दर्जा मिलने के बाद फॉल्ट सुधार, बिजली आपूर्ति, नए कनेक्शन, लाइन विस्तार, ट्रांसफार्मर से जुड़े कार्य और उपभोक्ता शिकायतों की मॉनिटरिंग क्षेत्रवार की जा सकेगी। ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग जिम्मेदारी तय होने से गांवों में बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
शहर में बिजली व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में काम
इधर, बालोद शहर में नए सब स्टेशन के माध्यम से बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। सदर रोड, पांडेपारा, बुधवारी बाजार, संजय नगर, रामदेव, मधु चौक, बुढ़ापारा और लोहारारोड सहित आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यालय में कंट्रोल रूम और नए सब स्टेशन के साथ 5 एमवीए (5 हजार केवीए) क्षमता के पावर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर की स्थापना का कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई है।
राकेश यादव ने कहा कि बालोद को जोन का दर्जा मिलने से शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सुबोध सिंह और रोहित यादव के प्रति पुनः आभार व्यक्त किया।




