सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान, पशुपालकों से मवेशियों को खुले में न छोड़ने की अपील
बालोद। सामाजिक सेवा और गांधीवादी तरीके से जागरूकता अभियान चलाने के लिए पहचानी जाने वाली महिला कमांडो ने सड़क पर बैठे और घूमते मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पशु मालिकों को जागरूक करने की पहल शुरू की है। महिला कमांडो का कहना है कि पशुधन की देखभाल और उसकी सुरक्षा करना पशु मालिक के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है।
पुलिस अधीक्षक किरण चौव्हान ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के कारणों में सड़कों पर बैठे या घूमते मवेशियों को भी एक कारण बताते हुए चिंता व्यक्त की है। पद्मश्री शमशाद बेगम ने इस विषय को प्राथमिकता देते हुए मवेशी मालिकों को जागरूक किए जाने की आवश्यकता बताई और ग्राम स्तर पर महिला कमांडो को जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया।
घर-घर पहुंचकर पशु मालिकों को कर रहे जागरूक
महिला कमांडो भीमेश्वरी सांडिल्य, सरस्वती साहू और खेमीन साहू, बोरी ने बताया कि पशुधन की देखभाल करना और उसकी रक्षा करना सभी का कर्तव्य है। मवेशियों को खुले में इधर-उधर घूमने के लिए नहीं छोड़ना चाहिए। महिला कमांडो द्वारा घर-घर जाकर पशु मालिकों से बातचीत कर उन्हें मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
महिला कमांडो सरस्वती साहू ने कहा कि उनके घर में दो गाय हैं। वे उन्हें चरने के लिए भेजती हैं, लेकिन यदि उनके लौटने में थोड़ी भी देर हो जाए तो पूरा परिवार चिंतित हो जाता है। उन्होंने कहा कि मवेशी केवल पशु नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य और घर की लक्ष्मी के समान हैं। इसलिए उन्हें खुले में घूमने के लिए छोड़ने के बजाय उनकी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
‘मवेशियों को सड़क पर न छोड़ें, सबकी सुरक्षा करें’
महिला कमांडो कचरीबाई, उम्र 70 वर्ष, परसदा ने कहा कि मवेशी अक्सर सड़क पर बैठे रहते हैं और कई बार वाहन की चपेट में आकर घायल हो जाते हैं या उनकी जान चली जाती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में गाय को माता का सम्मान दिया जाता है, इसलिए पशु मालिकों को अपने मवेशियों को घर पर सुरक्षित रखना चाहिए।
महिला कमांडो ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला न छोड़ें। इससे मवेशियों की सुरक्षा के साथ-साथ वाहन चालकों और राहगीरों की जान-माल की रक्षा भी हो सकेगी। उन्होंने इसे पशुपालकों का दायित्व बताते हुए अपने फर्ज निभाने का आह्वान किया।

