राजनांदगांव–बालोद मार्ग पर यात्री बसों की तकनीकी स्थिति पर उठे सवाल

Darshan Balod
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खराब हेडलाइट, हॉर्न और वाइपर वाली बसों के संचालन की शिकायत; फिटनेस और परमिट की जांच की मांग

राजनांदगांव–बालोद। राजनांदगांव से बालोद मार्ग पर संचालित कुछ यात्री बसों की तकनीकी स्थिति को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ बसें खराब एवं जर्जर स्थिति में होने के बावजूद यात्रियों को लेकर सड़क पर संचालित हो रही हैं। कुछ वाहनों में हेडलाइट, हॉर्न और वाइपर जैसी आवश्यक सुरक्षा सुविधाओं के ठीक से काम नहीं करने की बात कही जा रही है।

इन शिकायतों के बाद परिवहन विभाग की जांच एवं कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि किसी यात्री वाहन के आवश्यक सुरक्षा उपकरण खराब हैं, तो उसके फिटनेस प्रमाण-पत्र और परमिट की वैधता की जांच की जानी चाहिए।

फिटनेस और परमिट की जांच की मांग

शिकायतकर्ताओं ने राजनांदगांव–बालोद मार्ग पर संचालित यात्री बसों की अचानक एवं विशेष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। इसमें हेडलाइट, ब्रेक, हॉर्न, वाइपर, टायर सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की जांच के साथ वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र और परमिट की वैधता की भी जांच किए जाने की मांग की गई है।

कुछ बसों के परमिट की वैधता समाप्त होने तथा एक परमिट के आधार पर दूसरी बस के संचालन की शिकायतें भी सामने आने का दावा किया गया है। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

रात में खराब हेडलाइट के साथ संचालन पर चिंता

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि रात के समय खराब या बंद हेडलाइट के साथ यात्री बस का संचालन दुर्घटना का कारण बन सकता है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए परिवहन विभाग को मार्ग पर संचालित बसों की नियमित जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।

आरटीओ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग

बसों के विरुद्ध लंबे समय से कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कुछ लोगों ने संबंधित परिवहन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ट्रैवल एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि यदि आरोप निराधार हैं तो विभाग जांच के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करे और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित वाहन संचालकों एवं अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

प्रशासन से प्रमुख मांगें

  • राजनांदगांव–बालोद मार्ग की यात्री बसों की विशेष जांच कराई जाए।
  • बसों की हेडलाइट, ब्रेक, हॉर्न, वाइपर, टायर एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच हो।
  • सभी वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र एवं परमिट की वैधता जांची जाए।
  • एक परमिट पर दूसरी बस चलाने की शिकायतों की जांच की जाए।
  • नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
  • पूर्व में की गई जांच एवं कार्रवाई का रिकॉर्ड नियमानुसार सार्वजनिक किया जाए।
  • विभागीय अधिकारियों पर लगाए गए मिलीभगत के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। राजनांदगांव–बालोद मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यात्री बसों से आवागमन करते हैं। ऐसे में वाहनों की तकनीकी स्थिति, फिटनेस और परमिट की नियमित जांच आवश्यक है। किसी संभावित दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय शिकायतों के आधार पर समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई करना अधिक उचित होगा।

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