कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने दिए निर्देश, अवैध हुकिंग पर होगी कार्रवाई; सरप्राइज चेकिंग भी होगी
बालोद, 11 सितंबर 2026। गणेश उत्सव सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के दौरान लगाए जाने वाले पूजा पंडालों, चलित झांकियों एवं मेलों के लिए वैध अस्थाई विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) दुर्ग क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के मैदानी अधिकारियों को गणेश उत्सव समितियों के पंडालों को त्वरित रूप से अस्थाई (टीसी) विद्युत कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए हैं।
कार्यपालक निदेशक ने तीनों जिलों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पंडालों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली की जरूरत को देखते हुए समितियां समय पर नियमानुसार आवेदन कर अस्थाई कनेक्शन प्राप्त करें।
अवैध हुकिंग से दुर्घटना का खतरा
श्री सेलट ने आमजनों एवं गणेश उत्सव समितियों से अपील की है कि पूजा पंडालों एवं मेलों के लिए विद्युत वितरण केंद्र की अनुमति से वैध अस्थाई कनेक्शन ही प्राप्त करें। उन्होंने चेताया कि कई स्थानों पर लाइन से अनधिकृत हुकिंग कर बिजली का उपयोग किया जाता है, जिससे दुर्घटना के साथ ट्रांसफॉर्मर एवं अन्य विद्युत उपकरणों में आग लगने का खतरा रहता है।
उन्होंने कहा कि अवैध रूप से बिजली का उपयोग बिजली चोरी की श्रेणी में आता है। इससे विद्युत व्यवस्था पर अतिरिक्त भार पड़ता है और स्वीकृत भार से अधिक खपत होने पर मांग-आपूर्ति का संतुलन प्रभावित होकर लो-वोल्टेज एवं नियमित विद्युत आपूर्ति में बाधा जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
पंडालों में होगी सरप्राइज चेकिंग
बिजली चोरी रोकने के लिए गठित सतर्कता टीम द्वारा विभिन्न विभागीय संभागों के अंतर्गत स्थापित पूजा पंडालों की सरप्राइज चेकिंग की जाएगी। जांच के दौरान विद्युत अधिकारियों की टीम द्वारा कनेक्शन से संबंधित प्राधिकार पत्र मांगे जाने पर आयोजकों को उसे प्रस्तुत करना होगा।
व्यवस्था को सरल बनाने के लिए पंडाल में लगाए गए विद्युत मीटर के पास ही प्राधिकार पत्र चस्पा करना अनिवार्य किया गया है। इससे पंडाल में विद्युत कनेक्शन वैध है या नहीं, इसकी जानकारी मौके पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
अधिकृत इलेक्ट्रीशियन से कराएं वायरिंग
विद्युत कंपनी ने पंडाल संचालकों से अपील की है कि वे वितरण केंद्र में पदस्थ अधिकारियों से पंडाल के लिए आवश्यक विद्युत भार का सही आकलन करवाकर समय रहते आवेदन प्रस्तुत करें। इससे स्थापित ट्रांसफॉर्मर की क्षमता के अनुरूप निर्धारित अवधि के लिए विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
पंडालों की विद्युत वायरिंग अधिकृत इलेक्ट्रीशियन से ही कराने की सलाह दी गई है। वायरिंग में उचित अर्थिंग होनी चाहिए और अनावश्यक जोड़ (ज्वाइंट) नहीं होना चाहिए। यदि ज्वाइंट आवश्यक हो तो उसे सुरक्षित तरीके से टेप लगाकर किया जाए, ताकि विद्युत दुर्घटनाओं से जन-धन की हानि को रोका जा सके।

