पटेली स्कूल में बाल संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Darshan Balod
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विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर क्राइम और बाल अधिकारों की दी जानकारी

बालोद। राज्य बाल संरक्षण समिति के निर्देशन में जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा के आदेश एवं मार्गदर्शन और जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजानंद साहू के नेतृत्व में 7 सितंबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पटेली में बाल संरक्षण को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम 2012, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, गुड टच-बैड टच, साइबर क्राइम एवं बाल अधिकारों के संबंध में जानकारी दी।

बच्चों को अधिकारों और संरक्षण की दी जानकारी

कार्यक्रम की शुरुआत मास्टर ट्रेनर श्रीमती मोना रावत, चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर हेम शंकर निर्मलकर, चाइल्ड हेल्पलाइन काउंसलर पूर्णिमा साहू, चैतन्य ट्रेनिंग एसोसिएट सुरडोंगर भुनेश्वरी कोर्राम तथा बिहान जेंडर मास्टर ट्रेनर भर्रीटोला-36 सीमा धलनिया के मार्गदर्शन में हुई।

ब्लॉक नोडल मोना रावत ने विद्यार्थियों को बताया कि बच्चा किसे कहा जाता है, बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता क्यों है, उन्हें कौन-कौन से अधिकार प्राप्त हैं तथा बच्चों के प्रति शासन की क्या जिम्मेदारियां हैं।

वहीं पूर्णिमा साहू ने पॉक्सो एक्ट 2012, किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी।

साइबर अपराध और हेल्पलाइन 1098 पर दी जानकारी

चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर हेम शंकर निर्मलकर ने साइबर क्राइम तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि संकट की स्थिति में बच्चे सहायता के लिए हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली एवं अपने कार्यक्षेत्र के संबंध में भी जानकारी दी।

भुनेश्वरी कोर्राम ने गुड टच-बैड टच तथा कन्या भ्रूण हत्या जैसे विषयों पर विद्यार्थियों को जागरूक किया। वहीं सीमा धलनिया ने बाल यौन शोषण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बच्चों को सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर विश्वसनीय व्यक्ति या संबंधित सहायता तंत्र से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।

150 विद्यार्थी हुए शामिल

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य जनक लाल भुआर्य सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं लगभग 150 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ किसी भी प्रकार के शोषण, संकट या असुरक्षित परिस्थिति में समय रहते सहायता प्राप्त करने की जानकारी दी गई।

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