भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं हजारों भक्त, ग्राम देव पूजा से लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रात्रिकालीन नाच तक सजा महोत्सव
बालोद। छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपरा और आस्था का अनूठा संगम ग्राम पर्रेगुड़ा (करहीभदर) स्थित भोलापठार में देखने को मिला। यहां 11 अक्टूबर, रविवार को भोला दशहरा एवं नवाखाई महोत्सव का आयोजन किया गया। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच विराजमान भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ग्रामवासियों की ओर से आयोजित यह वार्षिक महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ ही स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का माध्यम भी है।
ग्राम देव पूजा से शुरू हुआ आयोजन, भोलापठार में हुआ देवी-देवताओं का पदार्पण
महोत्सव के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 8 बजे से धार्मिक गतिविधियां शुरू हुईं। सुबह 10 बजे ग्राम देव पूजा और सभी देवी-देवताओं के भोलापठार में पदार्पण का कार्यक्रम रखा गया। इसके बाद सुबह 11 बजे ग्राम अरजाल-कुसुमकसा के कलाकारों ने ‘मोर जाहुँरिया’ सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। दोपहर 2:30 बजे से अतिथियों के आगमन का कार्यक्रम निर्धारित था, जबकि शाम 4 बजे से पूजा-पाठ और हवन का आयोजन रखा गया।
जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति के लिए निर्धारित था कार्यक्रम
महोत्सव में विशिष्ट अतिथि के रूप में संजारी बालोद के छाया विधायक राकेश यादव, जिला पंचायत बालोद के उपाध्यक्ष तोमन साहू, जनपद पंचायत बालोद की अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष दिनेश सिन्हा, जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव, किसान मोर्चा अध्यक्ष प्रेम साहू, जनपद सदस्य अमृता नेताम तथा ग्राम पंचायत पर्रेगुड़ा की सरपंच मालती बीरबल भूसाखरे के शामिल होने का कार्यक्रम निर्धारित था।
जंगल-पहाड़ियों के बीच विराजमान हैं भगवान भोलेनाथ
भोलापठार मंदिर की विशेष पहचान इसकी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्ता है। जिला मुख्यालय बालोद से लगभग 15 किलोमीटर दूर पर्रेगुड़ा (करहीभदर) में स्थित यह स्थल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ग्रामवासी इस महोत्सव को अपनी परंपरा का अभिन्न हिस्सा मानते हैं और सामूहिक रूप से आयोजन में सहभागिता निभाते हैं।
रात में छत्तीसगढ़ी नाच पार्टी की प्रस्तुति
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ रात्रिकालीन मनोरंजन के लिए गोपाल-बलराम छत्तीसगढ़ी नाच पार्टी की प्रस्तुति भी निर्धारित थी। आयोजन की व्यवस्था भोलापठार समिति एवं ग्राम पर्रेगुड़ा के समस्त ग्रामवासियों की ओर से की गई। समिति के अध्यक्ष एवं राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित रामजी ठाकुर, प्रबंधक भोमराज साहू, भुवन उइके, संरक्षक पी.के. देशमुख, उपाध्यक्ष जोहन प्रधान एवं रामहु राणा, कोषाध्यक्ष महेंद्र तारम, सचिव पुरुषोत्तम निषाद और सहसचिव भुवन लाल उइके सहित समिति के सदस्यों की भूमिका रही। कार्यक्रम का मंच संचालन युवराज साहू ने किया। उक्त जानकारी भोलापठार के मीडिया प्रभारी सूरज कौशिक ने दी।




