सरस्वती शिशु मंदिर झलमला – Saraswati Shishu Mandir Jhalmala Balod School Profile

Darshan Balod
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आज के समय में हर अभिभावक अपने बच्चों के लिए ऐसे विद्यालय की तलाश करता है, जहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। सरस्वती शिशु मंदिर झलमला (बालोद) इसी उद्देश्य को साकार करने वाला एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है। पिछले लगभग 30 वर्षों से यह विद्यालय विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ते हुए उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

विद्यालय का परिचय

सरस्वती शिशु मंदिर झलमला एक ऐसा विद्यालय है जहाँ शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और सांस्कृतिक विकास पर भी विशेष बल दिया जाता है। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार, संस्कारी और आत्मविश्वासी नागरिक बनाना है।

सरस्वती शिशु मंदिर की मुख्य जानकारी

विद्यालय का नाम: सरस्वती शिशु मंदिर झलमला (बालोद)

स्थापना वर्ष: लगभग 30 वर्ष पूर्व

प्रधानाचार्य: श्री दुलार सिंह पटेल

शिक्षकों की संख्या: 13 अनुभवी शिक्षक

कक्षाएँ: केजी-1 से कक्षा 8वीं तक

माध्यम: हिंदी माध्यम

अध्ययन विषय

विद्यालय में विद्यार्थियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की शिक्षा प्रदान की जाती है, जिनमें शामिल हैं:

● हिंदी

● अंग्रेज़ी

● सामाजिक विज्ञान

● विज्ञान

● गणित

● सदाचार

● वैदिक गणित

● पर्यावरण अध्ययन

इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ नैतिक और सांस्कृतिक शिक्षा भी प्रदान की जाती है।

सह-शैक्षणिक गतिविधियाँ

विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में विश्वास रखता है। इसी उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है, जैसे:

• खेलकूद प्रतियोगिताएँ

• संगीत कार्यक्रम

• नृत्य प्रस्तुतियाँ

• सांस्कृतिक कार्यक्रम

• वार्षिक उत्सव

इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ नैतिक और सांस्कृतिक शिक्षा भी प्रदान की जाती है।

विद्यालय का सहयोग एवं मार्गदर्शन तंत्र

विद्यालय विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने पर विशेष ध्यान देता है। इसके अंतर्गत:

• काउंसलिंग सहायता

• नियमित पालक संपर्क

• विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास पर मार्गदर्शन

जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।

विद्यालय का वातावरण

सरस्वती शिशु मंदिर झलमला का वातावरण विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, अनुशासित और प्रेरणादायक है।

विद्यालय की विशेषताएँ:

• सुरक्षित एवं अनुशासित वातावरण

• छात्र-अनुकूल माहौल

• स्वच्छ एवं हरित परिसर

• सकारात्मक शिक्षण वातावरण

यह वातावरण विद्यार्थियों को बेहतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

शुल्क संरचना

विद्यालय की फीस संरचना अभिभावकों के लिए किफायती रखी गई है।

केजी-1: लगभग ₹6,000 वार्षिक

कक्षा 8वीं तक: लगभग ₹7,500 वार्षिक

वाहन शुल्क: अलग से (लगभग ₹5,000 तक)

अधिक जानकारी के लिए विद्यालय से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

संपर्क जानकारी

सरस्वती शिशु मंदिर झलमला (बालोद)

Call Now

सरस्वती शिशु मंदिर झलमला का संदेश

"शिक्षा से संस्कृति का नाता"

"जय जननी, जय भारतमाता।"

यही संदेश विद्यालय की मूल भावना को दर्शाता है। विद्यालय का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी शिक्षा के साथ संस्कार, राष्ट्रप्रेम और नैतिक मूल्यों को भी अपने जीवन में अपनाए तथा समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान दे।

अंत में...

सरस्वती शिशु मंदिर झलमला केवल एक विद्यालय नहीं, बल्कि शिक्षा और संस्कार का एक सशक्त केंद्र है। अनुभवी शिक्षकों, अनुशासित वातावरण, सांस्कृतिक मूल्यों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पण के कारण यह क्षेत्र के प्रमुख विद्यालयों में अपनी अलग पहचान रखता है। यदि आप अपने बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्कारयुक्त वातावरण की तलाश कर रहे हैं, तो सरस्वती शिशु मंदिर झलमला एक उत्कृष्ट विकल्प हो सकता है।

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