कर्मचारी हितों पर मंथन, 1 अक्टूबर की आक्रोश रैली में जुटेंगे हजारों कर्मचारी

Darshan Balod
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राज्य कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में लंबित मांगों के समाधान और संगठन विस्तार पर बनी रणनीति

रायपुर। राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक रायपुर कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष (टाउन हॉल) में सम्पन्न हुई। बैठक में कर्मचारी-अधिकारियों की लंबित मांगों, संगठन विस्तार और आगामी आंदोलनों को लेकर विस्तृत चर्चा कर आगामी छह माह की कार्ययोजना तैयार की गई। इस दौरान पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों एवं सेवानिवृत्त पदाधिकारियों का श्रीफल, भगवा गमछा, गुलाब पुष्प एवं मोमेंटो भेंटकर सम्मान किया गया।

उद्घाटन सत्र में श्रम कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ शासन के अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष गौरव कुमार सोनी, अखिल भारतीय महामंत्री आर.के. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ प्रभारी विपन कुमार डोंगरा, भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री ध्वनि सिंह बनाफर, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी कुमार चेलक, सनिर्माण कर्मकार संघ छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन एंटी तथा बीएमएस जिला मंत्री परमेश्वर कन्नोजे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। मंच का संचालन राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री बोधी राम निषाद ने किया।

बैठक में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, संभाग अध्यक्ष एवं सचिव, जिला संयोजक-सहसंयोजक तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रमुख एवं सहप्रमुख शामिल हुए। पदाधिकारियों ने पिछले छह माह में संगठन द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की तथा आगामी छह माह की कार्ययोजना पर चर्चा की।

1 अक्टूबर की आक्रोश रैली में बड़ी भागीदारी का निर्णय

बैठक में भारतीय मजदूर संघ द्वारा प्रस्तावित 1 अक्टूबर की आंदोलनात्मक आक्रोश रैली को लेकर भी रणनीति बनाई गई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों से बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं अधिकारी रैली में शामिल होंगे और अपनी लंबित मांगों को मजबूती से उठाएंगे।

संगठन विस्तार के लिए आगामी तीन माह के भीतर जिला एवं ब्लॉक स्तर की कार्यकारिणियों तथा इकाइयों के गठन का कार्य पूरा करने का निर्णय भी लिया गया। वहीं अगली प्रदेश कार्यसमिति बैठक धमतरी में आयोजित करने तथा अखिल भारतीय अभ्यास वर्ग आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रखेंगे लंबित मांगें

बैठक में कर्मचारी-अधिकारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से सौजन्य भेंट कर चर्चा करने का निर्णय लिया गया। इनमें केंद्र के समान 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय तिथि से लागू करने, छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश शासन की तर्ज पर चतुर्थ समयमान वेतनमान लागू करने तथा विभिन्न विभागों में लंबित पदोन्नति का लाभ दिलाने जैसी मांगें शामिल हैं।

इसी तरह राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारियों, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति, शिक्षा विभाग में शिक्षकों की सेवा गणना नियुक्ति तिथि से किए जाने तथा वर्ष 2010 से पूर्व पदस्थ शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग रखी गई।

इसके अलावा पंचायत विभाग में कार्यरत पंचायत सचिवों के शासकीयकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने सहित विभिन्न कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रस्ताव पारित कर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक में भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश वित्त मंत्री ओपी पाल, वीरेंद्र नामदेव, टीआर देवांगन, अमोद श्रीवास्तव, मनीराम कौशिक, डॉ. विनोद वर्मा, एलएन वर्मा, मनोहर चंदेल, खुमान सिंह, तार सिंह बोस, लच्छु राम निषाद, लोचन साव, विजय केवर्त, मोहम्मद अंसारी, वीरेंद्र देवांगन, प्रकाश सिंह, सरोज खोबरागणेश, रश्मिता मिश्रा, कशीश मानिकपुरी, प्रियंका सिंह सेंगर, डॉ. शशिभूषण शर्मा, वीरेंद्र देशलहरा,गजेंद्र पुरी गोस्वामी, प्रदीप साहू वीरेंद्र यदु, चन्द्रिका पाण्डेय, पुष्पराज चंदेल, नागेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कर्मचारी हितों एवं संगठन की भूमिका पर अपने विचार रखे। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री बोधी राम निषाद ने दी।

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