तीन महिला स्व-सहायता समूहों ने लोन लेकर दिए थे पैसे, न मशीन मिली न रकम वापस हुई
डौंडी, 23 अगस्त। दोना-पत्तल मशीन उपलब्ध कराने के नाम पर तीन महिला स्व-सहायता समूहों से 3.89 लाख रुपए लेने और न मशीन उपलब्ध कराने न रकम वापस करने के मामले में डौंडी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल वारंट बनने पर उसे जिला जेल बालोद दाखिल किया गया।
पुलिस के अनुसार ग्राम औराटोला आवासपारा निवासी लोकेश्वरी साहू (41) ने थाना डौंडी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि ग्राम औराटोला में पांच महिला स्व-सहायता समूह संचालित हैं। इनमें से प्रेरणा स्व-सहायता समूह, जय मां स्व-सहायता समूह और जय बुढ़ादेव स्व-सहायता समूह के सदस्यों ने दोना-पत्तल मशीन खरीदने के लिए खेमेन्द्र कुमार सेन निवासी खल्लारी, थाना गुंडरदेही से संपर्क किया था।
बैंक से लोन लेकर दिए थे 3.89 लाख
शिकायत के मुताबिक तीनों समूहों के सदस्यों के साथ ग्राम कामता निवासी हेमिन भुआर्य ने बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा नर्राटोला से कुल 3 लाख 89 हजार रुपए का लोन लिया था। यह राशि 3 दिसंबर 2025 को खेमेन्द्र कुमार सेन को दोना-पत्तल मशीन उपलब्ध कराने के लिए दी गई थी।
लेकिन रकम लेने के बाद भी आरोपी ने आज तक मशीन उपलब्ध नहीं कराई। जब समूह के सदस्यों ने रकम या मशीन के संबंध में जानकारी मांगी तो कथित तौर पर वह टालमटोल करने लगा। इसके बाद मामले की शिकायत थाना डौंडी में की गई।
तलाश के बाद पुलिस ने पकड़ा
शिकायत के आधार पर थाना डौंडी में अपराध क्रमांक 113/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने आरोपी खेमेन्द्र कुमार सेन पिता बलद राम सेन (33 वर्ष), निवासी खल्लारी, थाना गुंडरदेही, जिला बालोद को तलाश कर अभिरक्षा में लिया।
पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपराध घटित करना स्वीकार किया। इसके बाद उसे 23 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर उसे जिला जेल बालोद में दाखिल किया गया।
पुलिस टीम की रही सक्रिय भूमिका
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक किरण चौव्हाण के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना एवं नगर पुलिस अधीक्षक विकास पाटले के मार्गदर्शन में की गई।
कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक उमा ठाकुर, सहायक उपनिरीक्षक दुर्जन लाल रावटे, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक संजय सिंह, प्रधान आरक्षक अरविंद यादव तथा आरक्षक पुकेश साहू, भुवनेश्वर यादव और ईश्वर भंडारी की सक्रिय भूमिका रही।

