1,281 दिन से लगातार पर्यावरण सेवा, स्वच्छ धरा की टीम ने चलाया बहुआयामी अभियान

Darshan Balod
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पौधारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता और गाजर घास उन्मूलन के साथ नशामुक्ति का दिया संदेश

दुर्ग/बालोद। “स्वच्छ धरा, हरा-भरा छत्तीसगढ़” के उद्देश्य को लेकर स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ का पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता अभियान लगातार जारी है। समिति ने अपने अभियान के 1,281वें दिन छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति एवं गाजर घास उन्मूलन को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया।

समिति के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल के मार्गदर्शन में टीम ने दुर्ग के शिवनाथ नदी मुक्ति धाम स्थित प्राचीन शिव मंदिर, राम-जानकी मंदिर, भिलाई हुडको तालाब, रिसाली दशहरा मैदान, ग्राम अंजोरा, कपिश्वर मंदिर, शिव-दुर्गा मंदिर सेक्टर-10, बालोद के शिव-पार्वती धाम तथा सुरेगांव के शिव मंदिर महाकाल सहित विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया।

कचरा हटाया, पौधों की देखभाल भी की

शिवनाथ नदी मुक्ति धाम स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में टीम ने झिल्ली, डिस्पोजल, दोना-पत्तल, खाद्य सामग्री के रैपर एवं अन्य अनावश्यक कचरा हटाया। साथ ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक गाजर घास को जड़ से उखाड़कर नष्ट किया गया। पूर्व में लगाए गए पौधों के आसपास निंदाई-गुड़ाई कर उनकी देखभाल भी की गई।

समिति द्वारा सावन पर्व के दौरान मंदिर के दिवंगत अध्यक्ष स्व. राजू शर्मा की स्मृति में लगाए गए समी के पौधे की भी देखभाल की गई।

हुडको तालाब भिलाई, शिव-पार्वती धाम बालोद, शिव मंदिर महाकाल सुरेगांव, शिव-दुर्गा मंदिर सेक्टर-10 एवं कपिश्वर धाम सहित अन्य स्थानों पर भी सफाई कर एकत्रित कचरे को निर्धारित स्थान पर डंप किया गया।

रिसाली दशहरा मैदान में नशाखोरी पर चिंता

समिति की रिसाली प्रभारी तरुणा देशमुख की टीम ने रिसाली दशहरा मैदान में अभियान चलाकर डिस्पोजल, झिल्ली, शराब की बोतल, पत्तल सहित अन्य कचरा एकत्रित किया। समिति ने चिंता जताई कि सफाई के बाद भी कुछ लोग सार्वजनिक स्थल पर शराब एवं नशा कर गंदगी फैला देते हैं।

समिति ने प्रशासन से ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है।

गाजर घास उन्मूलन के साथ लोगों को किया जागरूक

ग्राम अंजोरा में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक गाजर घास को जड़ सहित उखाड़कर नष्ट किया गया। समिति का कहना है कि बरसात के मौसम में प्रतिवर्ष गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाकर इसे जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर इसके फैलाव में कमी आई है।

अभियान के दौरान लोगों को नदी, तालाब, मंदिर एवं सार्वजनिक स्थलों पर कचरा नहीं फेंकने तथा निर्धारित स्थान पर ही कचरा डालने के लिए जागरूक किया गया। बैनर, स्लोगन, नारों एवं कविताओं के माध्यम से जल संरक्षण, पौधारोपण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं नशामुक्ति का संदेश दिया गया।

“जल है तो बल है, पौधे लगाकर पेड़ बनाओ”

अभियान में “जल है तो बल है”, “जागो और जगाओ, स्वच्छता अपनाओ”, “पौधे लगाकर पेड़ बनाओ, जीवन में खुशियां बरसाओ” तथा “नशे का होना आदी, घर परिवार की है बर्बादी” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।

समिति के प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल ने कहा कि संस्था द्वारा लगातार स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधारोपण, नशामुक्ति एवं गाजर घास उन्मूलन के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने प्रत्येक तालाब में कुंड निर्माण की आवश्यकता बताते हुए कहा कि तालाब में पानी भरने से पहले उसकी साफ-सफाई आवश्यक है, ताकि जल स्वच्छ बना रहे।

उन्होंने लोगों से पौधारोपण निर्धारित स्थान पर करने और पौधों की सुरक्षा के लिए उचित ट्री गार्ड लगाने की अपील की। साथ ही श्रद्धालुओं से नदी एवं तालाबों में पूजन सामग्री का विसर्जन कम से कम करने का आग्रह किया।

उन्होंने दुर्ग निगम प्रशासन से शिवनाथ नदी मुक्ति धाम, महमरा एनीकट क्षेत्र में नदी घाट के किनारे जमा कचरे को नियमित रूप से उठाकर निर्धारित स्थान पर डंप करने का भी आग्रह किया।

महिलाएं भी अभियान में निभा रहीं सक्रिय भूमिका

प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती थनेश्वरी हरदेल ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। समिति में महिलाएं भी नियमित रूप से निःस्वार्थ भाव से अभियान में भाग लेकर स्वच्छता, पौधारोपण, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित कर रही हैं।

अभियान में प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल, संयुक्त सचिव सुरेन्द्र साहू, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती थनेश्वरी हरदेल, रिसाली प्रभारी तरुणा देशमुख, खुशबू कस्तूरिया, सूर्या हरदेल, श्वेता जैन, निकिता जयेश शिंगणे, टीनल हरदेल, कार्तिक राम चंद्राकर, विजय कुमार सिंह, चितरंजन दुर्गा देशमुख, महेंद्र यादव, भागीरथी सिन्हा, डेरहा देशमुख, टिकेंद्र हरदेल, बालोद से टिकेंद्र हरदेल, दाऊ लाल बघेल, दुर्योधन साहू सहित अनेक नागरिकों ने सहभागिता निभाई।

समिति का संदेश है— “स्वच्छ धरा पर चल, होगा हर समस्या हल।”

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