गुमनाम शिक्षकों की प्रतिभा को मिलेगा सम्मान का मंच, दर्शन बालोद शुरू करेगा ‘गुरु गौरव सम्मान 2026’

Darshan Balod
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वनांचल से ग्रामीण और निजी विद्यालयों तक उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों से प्रविष्टियां आमंत्रित, सरस्वती शिशु मंदिर के शिक्षकों को भी मिलेगा अवसर

बालोद। शिक्षा केवल पुस्तकों और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। एक शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार, समर्पण और सेवाभाव से विद्यार्थियों के साथ-साथ पूरे समाज के भविष्य को आकार देता है। इसी सोच के साथ दर्शन बालोद उन शिक्षकों को पहचान और सम्मान का मंच देने की पहल कर रहा है, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, लेकिन अब तक किसी बड़े मंच पर सम्मानित होने का अवसर उन्हें नहीं मिल पाया है। इसी उद्देश्य से ‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ की शुरुआत की जा रही है।

वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों पर विशेष फोकस

इस पहल में विशेष रूप से वनांचल एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक, शासकीय विद्यालयों के शिक्षक, निजी विद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षक तथा सरस्वती शिशु मंदिर सहित अन्य विद्यालयों के शिक्षक शामिल होंगे।

ऐसे शिक्षक, जो सीमित संसाधनों और कई बार सीमित मानदेय के बावजूद पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं, उन्हें इस सम्मान के माध्यम से समाज के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। विद्यार्थियों की पढ़ाई, संस्कार, प्रतिभा विकास और बेहतर भविष्य के लिए लगातार प्रयास करने वाले शिक्षकों की सेवाओं को पहचान दिलाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

NTCF है पहल का प्रायोजक, शिक्षक दिवस पर होगा विशेष सम्मान



दर्शन बालोद द्वारा आयोजित ‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ के प्रायोजक NTCF (Novel Teacher's Creative Foundation) हैं।

5 सितंबर 2026, शिक्षक दिवस के अवसर पर विशेष सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें चयनित शिक्षकों को ‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ से सम्मानित किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य केवल पुरस्कार प्रदान करना नहीं है, बल्कि ऐसे शिक्षकों की प्रेरक कार्यशैली और संघर्ष की कहानी को समाज के सामने लाना है, ताकि उनके कार्यों से दूसरे शिक्षक, विद्यार्थी और समाज भी प्रेरणा ले सकें।

शिक्षक स्वयं भी कर सकते हैं आवेदन, कोई भी कर सकेगा नामांकन

‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ की खास बात यह है कि शिक्षक स्वयं भी अपनी प्रविष्टि भेज सकेंगे। इसके अलावा विद्यार्थी, पूर्व विद्यार्थी, अभिभावक, सहकर्मी शिक्षक, प्रधानाचार्य, विद्यालय प्रबंधन अथवा समाज का कोई भी व्यक्ति ऐसे शिक्षक का नामांकन कर सकेगा, जिसे वह इस सम्मान का वास्तविक हकदार मानता है।

इस पहल के जरिए उन शिक्षकों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा, जो स्वयं प्रचार से दूर रहते हैं और अपनी उपलब्धियों के बारे में कभी आगे नहीं आते।

प्रविष्टि में देनी होगी महत्वपूर्ण जानकारी

नामांकन के दौरान शिक्षक का नाम, मोबाइल नंबर, पद, विद्यालय एवं संस्था की जानकारी, शिक्षा क्षेत्र में अनुभव, उत्कृष्ट कार्य, नवाचार, विद्यार्थियों एवं समाज पर प्रभाव, सीमित संसाधनों में किए गए कार्य, वनांचल या ग्रामीण क्षेत्र में सेवा, उपलब्धियां तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

नामांकनकर्ता शिक्षक के कार्य से संबंधित फोटो, प्रमाण-पत्र, समाचार, वीडियो अथवा अन्य प्रमाण भी उपलब्ध करा सकेंगे। इससे चयन प्रक्रिया में उपलब्धियों और कार्यों की तथ्यात्मक जानकारी का उपयोग किया जा सकेगा।

100 अंकों की मूल्यांकन प्रक्रिया के आधार पर चयन

‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ को अधिक पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के लिए शिक्षकों के चयन हेतु 100 अंकों की मूल्यांकन प्रक्रिया प्रस्तावित की गई है।

मूल्यांकन में प्रमुख रूप से निम्न पहलुओं को महत्व दिया जाएगा—

  • वनांचल अथवा दुर्गम क्षेत्र में शिक्षा सेवा

  • शिक्षण में नवाचार एवं रचनात्मक प्रयोग

  • विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव

  • सामाजिक योगदान

  • सीमित संसाधनों में किए गए उल्लेखनीय कार्य

  • आर्थिक एवं अन्य कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा सेवा

  • बिना प्रचार-प्रसार के निरंतर उत्कृष्ट कार्य

  • समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास

प्राप्त प्रविष्टियों की आवश्यकतानुसार जांच एवं सत्यापन के बाद योग्य शिक्षकों का चयन किया जाएगा।

‘गुमनाम गुरु’ को सामने लाने की पहल

दर्शन बालोद की इस पहल का मूल उद्देश्य ऐसे ‘गुमनाम गुरु’ को सामने लाना है, जिनकी मेहनत का व्यापक प्रचार भले ही न हुआ हो, लेकिन उनके प्रयासों से विद्यार्थियों का जीवन बदल रहा है।

खासकर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों के बीच शिक्षा की अलख जगा रहे शिक्षकों को सम्मानित कर उनके कार्यों को समाज के लिए प्रेरणा बनाने का प्रयास किया जाएगा।

आपके आसपास भी है कोई प्रेरणादायी शिक्षक, तो जरूर भेजें प्रविष्टि

दर्शन बालोद परिवार ने अपील की है कि यदि आपके आसपास कोई ऐसा शिक्षक है, जो बिना किसी स्वार्थ और प्रचार के शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है और जिसे अब तक उचित सम्मान या मंच नहीं मिल पाया है, तो ऐसे शिक्षक की प्रविष्टि अवश्य भेजें।

क्योंकि कई बार सम्मान की आवश्यकता उस व्यक्ति को सबसे अधिक होती है, जिसने अपने काम को सम्मान पाने के लिए नहीं, बल्कि समाज और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए किया हो।

“सम्मान उन्हीं का, जिनकी सेवा ने बिना शोर किए समाज को गढ़ा।”

दर्शन बालोद
पत्रकारिता का नया युग प्रारंभ

प्रायोजक : NTCF — Novel Teacher Creative Foundation

नामांकन/प्रविष्टि शुल्क : ₹500, शुल्क इस नंबर पर भुगतान कर सकते हैं -9755235270


‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ — उन शिक्षकों के सम्मान का मंच, जिन्होंने बिना शोर किए शिक्षा की ज्योति को आगे बढ़ाया।

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