वार्डसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित, 1500 से अधिक आबादी वाले क्षेत्र को स्वतंत्र पंचायत बनाने की मांग; NOC के लिए नगर पंचायत CEO से आग्रह
डौंडी, जिला बालोद | 27 अगस्त 2026। नगर पंचायत डौंडी के वार्ड क्रमांक 08 एवं 09 के निवासियों ने दोनों वार्डों को नगर पंचायत की सीमा से पृथक कर स्वतंत्र ग्राम पंचायत गठित करने की मांग की है। इस संबंध में भण्डारीपारा में आयोजित वार्डसभा में क्षेत्रवासियों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। साथ ही नगर पंचायत डौंडी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से स्वतंत्र ग्राम पंचायत गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) प्रदान करने का आग्रह किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम डौंडी के मोहल्ला भण्डारीपारा स्थित वार्ड क्रमांक 08 एवं 09 में आयोजित वार्डसभा में क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में वार्ड क्रमांक 08 की वार्डसभा मुखिया एवं पार्षद श्रीमती माधुरी रावटे तथा वार्ड क्रमांक 09 के वार्डसभा मुखिया एवं पार्षद श्री राजेंद्र मानकर सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे।
21 वर्षों से नगर पंचायत का हिस्सा
वार्डवासियों के अनुसार दोनों वार्ड पिछले करीब 21 वर्षों से नगर पंचायत डौंडी की सीमा में शामिल हैं। वर्तमान में क्षेत्र में 1500 से अधिक लोग निवास करते हैं। यहां रहने वाले अधिकांश परिवार लघु एवं सीमांत कृषक हैं तथा उनकी आजीविका मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है।
ग्रामीणों का कहना है कि खरीफ फसल के बाद स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं होने के कारण अनेक परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीण योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी का दावा
वार्डसभा में क्षेत्रवासियों ने कहा कि नगर पंचायत में शामिल होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संचालित कई योजनाओं और सुविधाओं का अपेक्षित लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। विशेष रूप से आवास, भूमि तथा ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं के लाभ लेने में उन्हें व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वार्डवासियों का तर्क है कि यदि क्षेत्र स्वतंत्र ग्राम पंचायत के रूप में स्थापित होता है तो स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में सुविधा होगी।
करों का अतिरिक्त आर्थिक बोझ
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि नगर पंचायत क्षेत्र में शामिल होने के कारण लोगों को मकान कर, नल-जल कर सहित अन्य स्थानीय करों का भुगतान करना पड़ता है। कृषि आधारित और सीमित आय वाले परिवारों के लिए इन अतिरिक्त खर्चों को आर्थिक बोझ बताया गया।
वार्डवासियों ने कहा कि ग्रामीण परिवेश और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को देखते हुए स्वतंत्र ग्राम पंचायत का गठन क्षेत्र के लिए अधिक उपयुक्त व्यवस्था साबित हो सकता है।
पेसा एवं संवैधानिक प्रावधानों का हवाला
वार्डसभा में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 244(1) तथा संबंधित संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों और पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) की भावना के अनुरूप स्थानीय स्वशासन एवं जनभागीदारी के विषय पर भी चर्चा की गई।
वार्डवासियों ने स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप निर्णय लेने और विकास कार्यों में अधिक प्रभावी जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र ग्राम पंचायत की आवश्यकता बताई।
सर्वसम्मति से पारित हुआ प्रस्ताव
बैठक में उपस्थित नागरिकों ने चर्चा के बाद वार्ड क्रमांक 08 एवं 09 को नगर पंचायत डौंडी से पृथक कर स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाने के पक्ष में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया।
वार्डसभा की ओर से नगर पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से आग्रह किया गया है कि क्षेत्रवासियों की सर्वसम्मत भावना और जनहित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक NOC शीघ्र जारी किया जाए, ताकि स्वतंत्र ग्राम पंचायत गठन से संबंधित आगामी प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
स्थानीय स्वशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
वार्डवासियों का मानना है कि स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनने से क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाने और उनका समाधान कराने में सुविधा होगी। साथ ही विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तथा पात्र परिवारों तक शासकीय योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में भी मदद मिल सकती है।
वार्ड 08 एवं 09 की वार्डसभा का यह निर्णय अब प्रशासनिक स्तर पर किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर क्षेत्रवासियों की नजर बनी हुई है।

