स्वतंत्रता दिवस विशेष- राष्ट्रगान से राष्ट्रभावना की अलख जगा रहा डौंडीलोहारा, सात वर्षों से रोज सुबह गूंजता है "जन गण मन"

Darshan Balod
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डौंडीलोहारा। बदलते दौर में जहां राष्ट्रभक्ति से जुड़े कई संस्कार धीरे-धीरे कमजोर पड़ते जा रहे हैं, वहीं बालोद जिले के डौंडीलोहारा में प्रतिदिन सुबह होने वाला राष्ट्रगान लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है। वर्ष 2018 से अटल चौक (पुराना बस स्टैंड) स्थित काली मंदिर परिसर के पास प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे नियमित रूप से राष्ट्रगान "जन गण मन" का सामूहिक आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य देशभक्ति की भावना को मजबूत करना और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ना है। इस अनूठी पहल की शुरुआत स्थानीय बुद्धिजीवियों और जागरूक नागरिकों ने मिलकर की थी। समिति में लगभग 15 लोग जुड़े हैं, जिनमें शिक्षक, चिकित्सक, किसान, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हैं। विशेष बात यह है कि इस समिति में किसी को कोई पद नहीं दिया गया है और सभी सदस्य समान भाव से राष्ट्रसेवा के उद्देश्य से कार्य करते हैं। प्रतिदिन राष्ट्रगान का संचालन डॉ. बी.एल. साहसी द्वारा किया जाता है। यह मंच केवल राष्ट्रगान तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय पर्वों और महापुरुषों की जयंती-पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, विचार गोष्ठी, ध्वजारोहण और प्रसाद वितरण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर यहां विशेष आयोजन होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में नागरिक भाग लेते हैं। समिति का मानना है कि राष्ट्रभक्ति केवल राष्ट्रीय पर्वों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। इसी सोच के साथ पिछले सात वर्षों से यह अभियान बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ और प्रचार-प्रसार के लगातार जारी है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर डौंडीलोहारा की यह पहल पूरे जिले के लिए प्रेरणास्रोत है। यह संदेश देती है कि यदि समाज संगठित होकर छोटे-छोटे प्रयास करे, तो राष्ट्रप्रेम की भावना को आने वाली पीढ़ियों तक सहज रूप से पहुंचाया जा सकता है। आज भी हर सुबह गूंजता "जन गण मन" इस बात का प्रमाण है कि सच्ची देशभक्ति निरंतर कर्म और समर्पण से ही जीवंत रहती है।

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