तांदुला जलाशय में बाढ़ बचाव मॉक ड्रिल, स्काउट्स-गाइड्स ने सीखे आपदा से निपटने के गुर

Darshan Balod
0

 



एनडीएमए और एनडीआरएफ के प्रशिक्षण कार्यक्रम में बालोद जिले के स्काउट्स-गाइड्स ने लिया सक्रिय हिस्सा, सीमित संसाधनों से बचाव के तरीके भी सीखे

बालोद। छत्तीसगढ़ शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय तथा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के आदेशानुसार एवं जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव के निर्देशन में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) द्वारा बालोद जिले में बाढ़ बचाव के विषय पर आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत मॉक ड्रिल (Mock Exercise) का आयोजन तांदुला जलाशय (आदमाबाद) में किया गया।

मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन के लिए जिले की तैयारियों को परखना तथा आम जनता एवं स्कूली बच्चों को बाढ़ जैसी आपदा के दौरान बचाव और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में बालोद जिले के स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स एवं रेंजर्स ने सक्रिय सहभागिता की।

नाव पलटने की स्थिति का किया गया जीवंत प्रदर्शन

मॉक ड्रिल के दौरान तांदुला जलाशय में अचानक तेज लहर उठने से नाव पलटने और उसमें सवार दो मछुआरों के डूबने की स्थिति का जीवंत प्रदर्शन किया गया। दोनों के पानी में फंसने और मदद के लिए आवाज लगाने के बाद बाढ़ बचाव दल ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया।

पानी में फंसे एवं बेहोशी की हालत में पहुंच चुके पीड़ितों को बचाव दल द्वारा सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया गया। इसके बाद प्राथमिक चिकित्सा प्रदान कर पीड़ितों को एंबुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय बालोद के लिए रवाना करने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई।

सीमित संसाधनों से बचाव के तरीके बताए

मॉक ड्रिल के दौरान बच्चों को बाढ़ के पानी में सीमित संसाधनों का उपयोग कर सुरक्षित रहने और संकट में फंसे व्यक्ति को बाहर निकालने के सरल एवं कारगर तरीके बताए गए। बेहोश व्यक्ति को पानी से सुरक्षित बाहर निकालने तथा प्राथमिक बचाव के विभिन्न तरीकों का भी प्रदर्शन किया गया।

इसके अलावा खाली प्लास्टिक बोतलों एवं खाली पीपों को जोड़कर तैरने वाले उपकरण (फ्लोटिंग डिवाइस) बनाने और आपात स्थिति में उनका उपयोग करने का अभ्यास कराया गया।

लाइफ जैकेट पहनने का भी दिया प्रशिक्षण

जलाशयों में सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट को सही तरीके से पहनने और उसके उपयोग की जानकारी भी दी गई। बच्चों को समझाया गया कि जल संबंधी आपदा के समय घबराने के बजाय उपलब्ध सुरक्षा साधनों का सही उपयोग करते हुए स्वयं और दूसरों की सुरक्षा कैसे की जा सकती है।

स्काउट्स-गाइड्स ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा



कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी बालोद दीपक दुबे, डीओसी गाइड प्रेमलता चंद्राकर, विकासखंड सचिव बालोद रूपेन्द्र सिन्हा, मिलन सिन्हा लोहारा, कमला वर्मा एवं विवेक धुर्वे सहित बड़ी संख्या में स्काउटर, गाइडर, स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स एवं रेंजर्स उपस्थित रहे।

स्काउट्स एवं गाइड्स ने मॉक ड्रिल के दौरान आपदा की स्थिति में बचाव कार्यों को नजदीक से समझा और विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता की।

स्काउट्स-गाइड्स की सक्रिय सहभागिता पर जताई खुशी

कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं स्काउट्स-गाइड्स की सक्रिय सहभागिता पर जिला सचिव केएल गजेन्द्र, जिला संयुक्त सचिव मधुमाला कौशल, डीओसी स्काउट नेमसिंह साहू, डीटीसी द्वय सीमा साहू एवं भुवन सिन्हा, कोषाध्यक्ष सत्यवान पिपरिया सहित सभी विकासखंडों के सचिव, संयुक्त सचिव, स्काउटर एवं गाइडर ने हर्ष व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल से बच्चों एवं आमजन में आपदा के समय त्वरित निर्णय लेने, सुरक्षा उपाय अपनाने तथा जरूरतमंदों की मदद करने का आत्मविश्वास विकसित होता है।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)
To Top