अजय चंद्राकर के बयान पर यादव समाज में आक्रोश, माफी की मांग तेज

Darshan Balod
0

 


प्रेसवार्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल; महाभारत के प्रसंग का उल्लेख कर विधायक ने कहा—“वह यादवी संघर्ष था…”

बालोद/गुंडरदेही। कुरूद विधायक अजय चंद्राकर के एक प्रेसवार्ता में दिए गए बयान को लेकर यादव समाज में आक्रोश देखने को मिल रहा है। विधायक के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद राजिम महासभा सहित छत्तीसगढ़ के यादव समाज के विभिन्न पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए विधायक से माफी मांगने की मांग की है।



वायरल वीडियो में विधायक अजय चंद्राकर महाभारत के प्रसंग का राजनीतिक संदर्भ में उल्लेख करते हुए कहते नजर आ रहे हैं— “वह यादवी संघर्ष था, आपस में कौरव और पांडव लड़े और मर गए। उस समय न श्रीकृष्ण कुछ कर सके, न अर्जुन कुछ कर सके।” इसके बाद उन्होंने इसी प्रसंग को वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़ते हुए कांग्रेस के आपसी संघर्ष पर टिप्पणी की।

विधायक के इस बयान को लेकर यादव समाज के लोगों का कहना है कि ‘यादवी संघर्ष’ जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक प्रसंग को राजनीतिक बयानबाजी से जोड़ने से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद इस बयान को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में चर्चा और विरोध शुरू हो गया है।

“समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची” — घनश्याम यदु

मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ठेठवार (यदु) समाज गुंडरदेही के महासचिव घनश्याम यदु, खेरूद, जिला बालोद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक मंचों पर बयान देते समय सभी समाजों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और महाभारत से जुड़े प्रसंग यादव समाज की आस्था एवं गौरव से जुड़े हैं। ऐसे प्रसंग को राजनीतिक टिप्पणी के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाना उचित नहीं है।

घनश्याम यदु ने कहा कि विधायक के बयान से यादव समाज में नाराजगी है और समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने मांग की कि विधायक अजय चंद्राकर अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें और यादव समाज से माफी मांगें।

उन्होंने कहा कि समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज करा रहा है और किसी विवाद को बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन समाज के सम्मान और भावनाओं से जुड़े विषय पर आवाज उठाना उसका अधिकार है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

विधायक की प्रेसवार्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आया है। यादव समाज के लोगों का कहना है कि बयान का पूरा संदर्भ सामने आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए, लेकिन वायरल वीडियो में कही गई बातों को लेकर समाज के बीच आपत्ति और नाराजगी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)
To Top