रामधुनी मंडलियों को डिजिटल पहचान दिलाने की पहल, बिरेतरा में महासंघ की बैठक में बनी रणनीति

Darshan Balod
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‘चिन्हारी पोर्टल’ पर जिले की सभी मंडलियों को दर्ज करने और वेबसाइट से जोड़ने की उठी मांग

बालोद। रामधुनी कला एवं संस्कृति को संगठित और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में महासंघ की ब्लॉक स्तरीय बैठक ग्राम बिरेतरा (पौड़ी) में आयोजित हुई। बैठक में जिले की रामधुनी मंडलियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा वार्षिक बैठक का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया गया।

बैठक में बालोद ब्लॉक एवं जिले की सभी रामधुनी मंडलियों के नाम ‘चिन्हारी पोर्टल’ में दर्ज करने और पोर्टल को ऑनलाइन वेबसाइट से जोड़ने की मांग प्रमुखता से रखी गई। सदस्यों ने कहा कि मंडलियों की गतिविधियों को डिजिटल रूप से दर्ज करने से रामधुनी कला से जुड़े कलाकारों और मंडलियों को बेहतर पहचान एवं मंच मिल सकेगा।

कला एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने पर जोर

बैठक में रामधुनी कला एवं संस्कृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ जिले की विभिन्न मंडलियों को एक मंच पर जोड़ने पर भी विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों ने मंडलियों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

इस दौरान श्री हरि मनमोहन जसझांकी, रामधुनी लोकमंच, नाचा रिकॉर्डिंग एवं डांस तथा देवीनागांव लाताबोड़ की बुकिंग शुरू होने की जानकारी दी गई। वहीं जसगीत, फाग गीत, कविता एवं कथा लेखन करवाने के इच्छुक लोगों से संपर्क करने की अपील की गई।

ये पदाधिकारी रहे मौजूद

बैठक में अध्यक्ष संताराम सोनकर (नेवारीकला), उपाध्यक्ष खिलावन साहू (चिरेखड़ी), संरक्षक सुखदेव निषाद (तमोरा) एवं संगठन प्रभारी टुमन कौशिक (परसदा-जगन्नाथपुर) सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के माध्यम से रामधुनी मंडलियों को संगठित कर उनकी कला, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया।

रचनाकार : तुलेश्वर पटेल
संपर्क : 8827264931

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