नहर लाइनिंग में गुणवत्ता पर सवाल, अधूरे पुल-पुलियों और कीचड़ भरी सड़क से किसान परेशान

Darshan Balod
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कंवरहट शाखा की उपशाखा अकलवारा में निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी, जांच और गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण की मांग

बालोद/गुरुर,फागुनदाह से अनिल साहू की रिपोर्ट। महानदी सिंचाई परियोजना की नहर क्रमांक-1 शाखा कंवरहट की उपशाखा अकलवारा में इस वित्तीय वर्ष में स्वीकृत नहर लाइनिंग एवं संबंधित निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। फागुनदाह पंचायत क्षेत्र में कराए जा रहे कार्यों को लेकर ग्रामीणों और किसानों ने संबंधित विभाग से जांच कराकर गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, नहर लाइनिंग का कार्य बेहद निम्न गुणवत्ता का किया गया है। लाइनिंग के बेस में कहीं करीब दो इंच तो कहीं चार इंच तक मुरुम डाले जाने की बात सामने आ रही है। उनका आरोप है कि निर्धारित मापदंडों के अनुरूप बेस तैयार किए बिना ही लाइनिंग का कार्य कर दिया गया, जिससे इसकी गुणवत्ता और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अधूरे पड़े पुल-पुलिया, अब तक नहीं लगे कुलापे

ग्रामीणों का कहना है कि उक्त शाखा में कई पुल एवं पुलियों का निर्माण कार्य अब तक अधूरा है। इसके अलावा नहर में अभी तक कुलापा भी नहीं लगाया गया है। इससे किसानों को खेतों तक पानी पहुंचाने और आवागमन में परेशानी होने की आशंका बनी हुई है।

नहर संग की सड़क भी बनी परेशानी का कारण



नहर के साथ मुरमीकरण का कार्य भी कराया गया था, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक सड़क पर नाममात्र की मुरुम डालकर कार्य पूरा कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कहीं-कहीं करीब एक से दो इंच ही मुरुम डाली गई, जिसके कारण बारिश के बाद सड़क दलदल में तब्दील हो गई है।

इससे किसानों को खेतों तक आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सड़क का दोबारा उचित मुरमीकरण कर उसे आवागमन योग्य बनाने की मांग की है।

ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार द्वारा विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बातों को भी गंभीरता से नहीं लिया जाता था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी और गुणवत्ता की जांच समय पर की जाती तो स्थिति ऐसी नहीं बनती।

जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति

ग्रामीणों ने संबंधित सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर नहर लाइनिंग, मुरमीकरण, पुल-पुलिया और कुलापा निर्माण की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही खराब पाए जाने वाले कार्य को ठेकेदार से दोबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने और किसानों की परेशानी दूर करने की मांग की गई है।

फागुनदाह पंचायत क्षेत्र के किसानों का कहना है कि सिंचाई परियोजना से उन्हें बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब होने से इसका लाभ प्रभावित हो रहा है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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