गांव-गांव पहुंचेगा गायत्री परिवार का संदेश, ग्राम प्रव्रज्या और भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा को लेकर भी तैयार हुआ रोडमैप
बालोद, 23 अगस्त 2026। गायत्री परिवार बालोद द्वारा रविवार को गायत्री शक्तिपीठ, बालोद में जिला स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चली गोष्ठी में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से जिला एवं ब्लॉक समन्वय संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा गायत्री परिवार के परिजन शामिल हुए। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।
151 कुंडीय महायज्ञ को लेकर बनी रणनीति
गोष्ठी का प्रमुख विषय जिला स्तरीय 151 कुंडीय गायत्री महायज्ञ रहा। महायज्ञ को सफल बनाने के लिए संगठन को विभिन्न स्तरों पर सक्रिय करने, अधिक से अधिक परिजनों को जोड़ने, जनसंपर्क बढ़ाने तथा गांव-गांव तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने को लेकर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियां सौंपने और आगामी गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने पर भी जोर दिया गया।
शांतिकुंज के निर्देशों से कराया अवगत
बैठक में जिले के शक्तिपीठों एवं प्रज्ञापीठों से शांतिकुंज हरिद्वार की गोष्ठी में शामिल होने वाले परिजनों के लिए प्राप्त आवश्यक निर्देशों की जानकारी साझा की गई। संबंधित परिजनों से निर्धारित गोष्ठी में शामिल होकर मार्गदर्शन प्राप्त करने और उसे अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करने का आग्रह किया गया।
बाल संस्कार शाला और संस्कृति ज्ञान परीक्षा पर जोर
गोष्ठी में बाल संस्कार शाला केंद्रों के संचालन एवं विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। बच्चों में संस्कार, नैतिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्यों के विकास के लिए अधिक से अधिक स्थानों पर बाल संस्कार शालाओं को सक्रिय करने पर जोर दिया गया।
वहीं भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा-2026 को लेकर भी ब्लॉकवार तैयारियों की समीक्षा की गई। मिलन सिन्हा ने बताया कि जिले के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों से संपर्क कर उन्हें परीक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, संस्कार, महापुरुषों और भारतीय जीवन मूल्यों से परिचित कराना है।
40 दिवसीय सवा लाख गायत्री महामंत्र जप अनुष्ठान
बैठक में 40 दिवसीय सवा लाख गायत्री महामंत्र जप अनुष्ठान की जानकारी भी दी गई। परिजनों से अधिक से अधिक परिवारों को गायत्री महामंत्र जप एवं साधना से जोड़ने का आह्वान किया गया। साधना, संगठन और सेवा गतिविधियों को साथ लेकर आगे बढ़ने पर बल दिया गया।
2027 तक गांव-गांव पहुंचाने का लक्ष्य
जिला समन्वयक बी. एस. अठनागर ने कहा कि गुरुदेव के विचारों एवं युग निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य गायत्री परिवार के परिजन लगातार कर रहे हैं। वर्ष 2026 को अखण्ड ज्योति एवं माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष के रूप में विशेष बताते हुए उन्होंने कहा कि जिले के गांव-गांव में ग्राम प्रव्रज्या कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक बालोद जिले के अधिक से अधिक गांवों में गायत्री परिवार की सक्रिय पहुंच और संगठनात्मक गतिविधियां स्थापित करने का लक्ष्य है। इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं से सक्रिय सहभागिता की अपील की गई।
ब्लॉकवार गतिविधियों की समीक्षा
गोष्ठी में गुरूर, डौंडी लोहारा एवं बालोद ब्लॉक के समन्वयकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें संगठन विस्तार, संस्कार कार्यक्रम, बाल संस्कार शाला, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, साधना और अन्य रचनात्मक गतिविधियों की जानकारी दी गई।
महायज्ञ स्थल पर 108 पौधों का रोपण
गोष्ठी के बाद भोजन उपरांत ‘हरित संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण’ के संकल्प के साथ बालोद में प्रस्तावित 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ स्थल पर वृहद पौधारोपण किया गया। गायत्री परिवार के परिजनों ने यहां 108 पौधे रोपे और उनके संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है। पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित देखभाल भी उतनी ही जरूरी है।
बड़ी संख्या में परिजन हुए शामिल
इस अवसर पर मिलन सिन्हा, लोचन प्रसाद साहू, गंजीर, नरेंद्र साहू, मुकेश साहू, वीरेंद्र साहू, नायडू, कलिहारी, युगल साहू, मोहन साहू सहित महिला प्रकोष्ठ से सत्यभामा, वृंदा साहू, श्यामा देवी साहू एवं जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए गायत्री परिवार के परिजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में साधना, संगठन, संस्कार, सेवा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया। साथ ही आगामी 151 कुंडीय गायत्री महायज्ञ सहित सभी रचनात्मक एवं जनजागरण कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया गया।


