रक्षाबंधन पर पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश, विद्यार्थियों को भी पेड़-पौधों की रक्षा के लिए किया प्रेरित
गुंडरदेही/बालोद। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जहां बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं, वहीं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पसौद के पर्यावरण जागरूक शिक्षक नरेंद्र कुमार रजक ने पेड़-पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश दिया।
यूथ एवं इको क्लब के राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर शिक्षक नरेंद्र कुमार रजक ने इस वर्ष 100 पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा किया है। रक्षाबंधन के अवसर पर उन्होंने अपने विद्यालय परिसर सहित अन्य स्थानों पर स्वयं लगाए गए छोटे-बड़े पेड़-पौधों की कलाई में रक्षा सूत्र बांधा, उन्हें गुलाल लगाया और उनकी निरंतर देखभाल एवं सुरक्षा का संकल्प लिया।
विद्यार्थियों को भी दिलाया पौधों की रक्षा का संकल्प
शिक्षक रजक ने विद्यालय के विद्यार्थियों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए उनके द्वारा लगाए गए पौधों में रक्षा सूत्र बांधने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि जिस तरह हम अपने प्रियजनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं, उसी तरह पेड़-पौधों की देखभाल और सुरक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे बड़ा होने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है। पेड़ हमें जीवनदायी ऑक्सीजन, छाया, फल और स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करते हैं। इसलिए पौधों की रक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझना चाहिए।
रक्षाबंधन के अवसर पर शिक्षक नरेंद्र कुमार रजक की इस पहल ने पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए समाज और विद्यार्थियों के सामने ‘पेड़ लगाएं और पेड़ों को बचाएं’ का प्रेरक संदेश प्रस्तुत किया।


