दुर्ग-जगदलपुर दोहरी रेल लाइन से लेकर बालोद को जिला डाकघर बनाने तक की मांग, सितंबर में दिल्ली जाकर सौंपेंगे ज्ञापन

Darshan Balod
0



बालोद। छत्तीसगढ़ के विकास, रोजगार, रेल कनेक्टिविटी और जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं वार्ड क्रमांक 2, संजय नगर निवासी मधुकांत यदु ने केंद्र एवं राज्य सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखने की तैयारी की है। उन्होंने बताया कि इन मांगों को लेकर सितंबर 2026 में प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।

जगदलपुर से दुर्ग तक दोहरी रेल लाइन की मांग

मधुकांत यदु ने जगदलपुर से दुर्ग तक दोहरी रेल लाइन का निर्माण करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि बस्तर क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कच्चा लोहा सड़क मार्ग से दुर्ग, रायपुर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की ओर जाता है। रेल सुविधा मजबूत होने से परिवहन का दबाव कम होगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है।

उन्होंने जगदलपुर में सेल द्वारा नया स्टील प्लांट स्थापित करने तथा भिलाई स्टील प्लांट तक कच्चे लोहे के परिवहन के लिए रेल नेटवर्क विकसित करने की मांग भी की है। उनका दावा है कि इससे बस्तर संभाग के जगदलपुर, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा सहित आदिवासी क्षेत्रों के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

कई नई रेल लाइनों और ट्रेनों की मांग

मधुकांत यदु ने भानुप्रतापपुर से चंद्रपुर रेल लाइन, धमतरी से कांकेर-कोंडागांव होते हुए जगदलपुर को रेल नेटवर्क से जोड़ने तथा राजनांदगांव से मानपुर होते हुए महाराष्ट्र तक रेल लाइन बिछाने की मांग रखी है।

उन्होंने यह भी मांग की है कि दुर्ग से संचालित लंबी दूरी की कुछ प्रमुख ट्रेनों को जगदलपुर से शुरू किया जाए, जिससे बस्तर क्षेत्र की देश के अन्य हिस्सों से सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत हो सके।

बालोद को मिले जिला डाकघर का दर्जा

मधुकांत यदु ने बालोद स्थित डाकघर को जिला डाकघर का दर्जा देने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि बालोद को जिला बने लगभग 14 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जिले के नागरिकों को दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी या रायपुर जाना पड़ता है।

जिला डाकघर की सुविधा मिलने से पासपोर्ट संबंधी सेवाएं बालोद में उपलब्ध होने की उम्मीद है, जिससे लोगों का समय और यात्रा खर्च दोनों बच सकते हैं।

गंगरेल-तांदुला जल व्यवस्था को लेकर भी सुझाव

मधुकांत यदु ने गंगरेल बांध को तांदुला जलाशय से जोड़ने की पूर्व प्रस्तावित प्रक्रिया को पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे बालोद, दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव और भिलाई क्षेत्र में जल उपलब्धता को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने तांदुला जलाशय के जलस्तर और सिंचाई व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान आवश्यकता से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण गर्मी में जलस्तर कम हो जाता है और किसानों को सिंचाई के लिए महंगे बोर कराने पड़ते हैं। उन्होंने जल को अधिकतम संभव सीमा तक संरक्षित रखने और आवश्यकता के अनुसार ही पानी छोड़े जाने की मांग की है।

तांदुला नदी में गंदे पानी को रोकने की मांग

उन्होंने तांदुला जलाशय एवं नदी क्षेत्र में पहुंच रहे गंदे पानी को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। विशेष रूप से बालोद क्षेत्र की राइस मिलों से निकलने वाले अपशिष्ट पानी को नदी में जाने से रोकने की आवश्यकता बताई है।

केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को सौंपेंगे ज्ञापन

मधुकांत यदु के अनुसार इन सभी मांगों को लेकर वे जगन्नाथ योगी, भगवान साहू, जयराम निर्मलकर, मोतीलाल चंद्राकर एवं दिग्विजय मिश्रा सहित अन्य साथियों के साथ सितंबर में दिल्ली जाएंगे। वहां रेल मंत्री, इस्पात मंत्री, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से मुलाकात कर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने की तैयारी है।

इसके अलावा कांकेर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायपुर, बिलासपुर एवं जगदलपुर क्षेत्र के सांसदों तथा केंद्रीय मंत्री तोखन साहू को भी ज्ञापन सौंपने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री एवं संबंधित जिला प्रभारी मंत्रियों के समक्ष भी इन मुद्दों को रखने की तैयारी है।

मधुकांत यदु ने कहा कि इन मांगों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में रेल एवं औद्योगिक विकास को गति देने, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।


Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)
To Top