नाटक में बच्चों ने खोली अंधविश्वास की पोल, वैज्ञानिक प्रयोगों से बताया ‘चमत्कार’ का सच

Darshan Balod
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डोंगरगढ़। राष्ट्रीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं जन-जागरूकता शैक्षिक संगोष्ठी-2026 में शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोलिहा, विकासखंड सिमगा, जिला बलौदाबाजार के विद्यार्थियों ने “अंधविश्वास का पर्दाफाश” विषय पर प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत कर लोगों को वैज्ञानिक सोच अपनाने का संदेश दिया।

श्रीमती चित्रा साहू के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने नाटक के जरिए समाज में प्रचलित अंधविश्वास और तथाकथित चमत्कारों को पहले अभिनय के माध्यम से सामने रखा और फिर वैज्ञानिक प्रयोगों एवं तर्क के आधार पर उनकी वास्तविकता समझाई।

विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि किसी भी घटना को बिना जांच-पड़ताल के चमत्कार या अंधविश्वास मानना उचित नहीं है। लोगों को हर दावे पर सवाल करने, प्रमाण तलाशने और वैज्ञानिक कसौटी पर परखने के लिए प्रेरित किया गया।

“अंधविश्वास नहीं, विज्ञान सही है” के संदेश के साथ विद्यार्थियों की प्रस्तुति को कार्यक्रम में सराहना मिली। इस अवसर पर विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

श्रीमती चित्रा साहू ने कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने इस प्रस्तुति की सफलता का श्रेय विद्यालय के प्रधान पाठक सुरेश टांडेकर, सहयोगी शिक्षक नंदकुमार ध्रुव एवं योगेश कुमार ध्रुव सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ और सहयोगियों को दिया।

विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति को रचनात्मकता, आत्मविश्वास, वैज्ञानिक सोच और अभिव्यक्ति क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

संदेश साफ है— चमत्कार पर नहीं, प्रमाण पर विश्वास करें; अंधविश्वास छोड़ें और विज्ञान की ओर बढ़ें।

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