जिला बने 14 वर्ष बाद भी पासपोर्ट के लिए दुर्ग-रायपुर जाने को मजबूर जिलेवासी, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भेजा जाएगा आवेदन
बालोद। बालोद जिले में जिला डाकघर की सुविधा शुरू करने तथा बालोद डाकघर को जिला डाकघर का दर्जा प्रदान करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में सक्रिय भाजपा सदस्य मधुकांत यादव सहित जिले के नागरिकों ने भारत सरकार से आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है।
मांगकर्ताओं का कहना है कि बालोद को जिला बने लगभग 14 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन आज भी जिलेवासियों को पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए दुर्ग एवं रायपुर जाना पड़ता है। आदिवासी बाहुल्य बालोद जिले के लोगों को इससे समय और धन दोनों की परेशानी उठानी पड़ती है।
जिला डाकघर बनने से बालोद में मिल सकेगी पासपोर्ट जैसी सुविधा
मांगकर्ताओं के अनुसार यदि बालोद डाकघर को जिला डाकघर का दर्जा प्रदान किया जाता है, तो यहां पासपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के शुरू होने की संभावना बनेगी। इससे जिले के नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज एवं सेवाओं के लिए दूसरे जिलों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
मधुकांत यादव ने बताया कि डाकघर को जिला डाकघर बनाने की मांग लंबे समय से विभागीय स्तर पर की जा रही है। अब इस मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी आवेदन की प्रति भेजी जा रही है।
इन नागरिकों ने की मांग
इस मांग को लेकर मधुकांत यादव, जगन्नाथ योगी, भगवान साहू, जयराम निर्मलकर, मोतीलाल चंद्राकर, रूपनारायण देशमुख, देवेंद्र साहू, बालमुकुंद नायक, प्रेम कुमार पटेल, गोविंद यादव, रूपलाल ठाकुर, डोमन साहू, डेविड लोनियर, राजेश घोड़े सवार, संतोष देशमुख, उभय लाल देशमुख, नरेश गौतम सहित अन्य नागरिकों ने केंद्र सरकार एवं संबंधित विभागीय मंत्रियों से तत्काल पहल करने की अपेक्षा जताई है।
मांगकर्ताओं का कहना है कि बालोद जिला मुख्यालय में जिला डाकघर की सुविधा शुरू होने से जिले के नागरिकों को बेहतर डाक एवं अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने केंद्र सरकार से जनहित में इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।

