बालोद। माननीय प्रधान सत्र न्यायाधीश बालोद एस.एल. नवरत्न ने अवैध शराब परिवहन के मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को उचित ठहराते हुए आरोपी की अपील खारिज कर दी और दण्ड को यथावत रखने का आदेश पारित किया। मामले में निर्णय 25 अगस्त 2026 को पारित किया गया।
प्रकरण के अनुसार, 6 अक्टूबर 2024 को डौंडीलोहारा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति शराब भट्ठी रोड डौंडीलोहारा स्थित मुक्तिधाम गेट के पास अवैध रूप से अधिक मात्रा में शराब रखकर उसका परिवहन कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने गवाहों को साथ लेकर मौके पर घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की।
पुलिस ने मौके से आरोपी सचिन कुमार देवांगन पिता स्व. योगेश देवांगन, उम्र 23 वर्ष, निवासी गायत्री चौक वार्ड क्रमांक 03, टिकरापारा डौंडीलोहारा को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे में रखे संतरा-कत्था रंग के रेडिमेड थैले से 19 नग देशी प्लेन शराब के पाव, प्रत्येक में 180 एमएल शराब भरी हुई, बरामद की गई। शराब रखने एवं परिवहन के संबंध में आरोपी द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 34(1)(ख) छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना पूर्ण करने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
निचली अदालत ने सुनाई थी छह माह की सजा
प्रकरण में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डौंडीलोहारा ने 15 जून 2026 को उपलब्ध प्रबल एवं ठोस साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सचिन कुमार देवांगन को दोषसिद्ध ठहराते हुए छह माह के सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था।
इस आदेश के विरुद्ध आरोपी ने माननीय प्रधान सत्र न्यायाधीश बालोद के न्यायालय में अपील प्रस्तुत की थी। अपीलीय न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं निचली अदालत के आदेश का परीक्षण करने के बाद उसे उचित पाया तथा आरोपी को दी गई छह माह के सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा को यथावत रखने का आदेश दिया।
प्रकरण में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक तोमन लाल साहू ने पैरवी की।

