गरीब परिवार में जन्मे ग्रीस यादव ने कला के क्षेत्र में बनाई अलग पहचान, अब कॉमेडी शॉर्ट फिल्मों में दिखा रहे हुनर

Darshan Balod
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बालोद। प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती। इसे साबित कर रहे हैं बालोद बायपास रोड स्थित पड़कीभाठ निवासी ग्रीस यादव, जिन्होंने साधारण परिवार से निकलकर सांस्कृतिक एवं हास्य कला के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। बचपन से ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रुचि रखने वाले ग्रीस यादव ने गांव की रामलीला मंडली से अपनी कलात्मक यात्रा शुरू की।

वर्ष 2012 से 2018 तक लगातार छह वर्षों तक उन्होंने मयारू दौना पड़कीभाठ की सांस्कृतिक कार्यक्रम टीम में कॉमेडी कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाई। हास्य अभिनय के प्रति उनके जुनून और मेहनत ने उन्हें स्थानीय स्तर पर एक लोकप्रिय कलाकार बनाया।

लोक कला मंच से मिली नई पहचान

वर्तमान में वर्ष 2026 में ग्रीस यादव हिम्मत सिन्हा कृत सांस्कृतिक लोक कला मंच छुईहा (घटारानी), जिला गरियाबंद से जुड़े हुए हैं। यहां वे एक प्रसिद्ध कॉमेडियन के रूप में अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। मंचीय कार्यक्रमों में अपने हास्य अभिनय से वे दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं।

इसके साथ ही ग्रीस यादव अब कॉमेडी शॉर्ट फिल्मों के निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रख चुके हैं। अभिनय के साथ निर्देशन में भी वे अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं।

बालोद अंचल में शॉर्ट फिल्मों का बढ़ रहा चलन

बालोद अंचल के उभरते कलाकारों द्वारा पिछले एक-दो वर्षों से क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर शॉर्ट फिल्म एवं कॉमेडी शॉर्ट फिल्म की शूटिंग की जा रही है। इन फिल्मों में स्थानीय कलाकार अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

इन शॉर्ट फिल्मों में मुख्य किरदारों में महेंद्र निषाद, ग्रीस यादव, तेज सेन, खोमेश मानिकपुरी, नेमसिंग यादव, चेतन पटेल एवं तुलेश्वर पटेल सहित कई स्थानीय कलाकार नजर आ रहे हैं।

स्थानीय कलाकारों का मानना है कि सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से उन्हें अपनी प्रतिभा को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। इससे ग्रामीण एवं छोटे शहरों के कलाकारों को अपनी पहचान बनाने का नया मंच मिला है।

यूट्यूब के माध्यम से कर रहे मनोरंजन



ग्रीस यादव एवं उनकी टीम सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों का मनोरंजन कर रही है। Greesh Yadav CG Comedian तथा Tuleshwar Kumar Jee जैसे यूट्यूब चैनलों के माध्यम से कॉमेडी एवं शॉर्ट फिल्मों को दर्शकों तक पहुंचाया जा रहा है।

ग्रामीण परिवेश से निकलकर सांस्कृतिक मंच से लेकर शॉर्ट फिल्म और निर्देशन तक का सफर तय करने वाले ग्रीस यादव की कहानी क्षेत्र के उन युवाओं के लिए प्रेरणादायी है, जो अपनी प्रतिभा को मंच देना चाहते हैं।

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