मूसलाधार बारिश भी नहीं डिगा पाई शिक्षकों का हौसला, पांचों ब्लॉक में गूंजी ‘टीईटी हटाओ’ की आवाज

Darshan Balod
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शिक्षक साझा मंच ने पदयात्रा निकालकर सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो 9 सितंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

बालोद। शिक्षकों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर शिक्षक साझा मंच का चरणबद्ध आंदोलन अब जोर पकड़ता जा रहा है। आंदोलन के दूसरे चरण में 22 अगस्त को बालोद जिले के पांचों विकासखंड—बालोद, गुण्डरदेही, गुरुर, डौंडी और डौंडीलोहारा में शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया और पदयात्रा निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

दिनभर हुई मूसलाधार बारिश भी शिक्षकों के कदम नहीं रोक सकी। बारिश के बीच शिक्षक अपने अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर आंदोलन में डटे रहे।

सेवा, सुरक्षा, न्याय और सम्मान को लेकर आंदोलन

शिक्षक साझा मंच के प्रांतीय संचालक रविंद्र राठौड़, विकास राजपूत एवं प्रदीप पांडेय के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जा रहा है। मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को एकजुट कर उनकी समस्याओं और मांगों को शासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह मंच बनाया गया है।

जिला संचालक एलेन्द्र यादव एवं वेदप्रकाश साहू ने बताया कि शिक्षकों की प्रमुख मांगों में टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करना, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, भाजपा के संकल्प पत्र एवं मोदी की गारंटी के तहत वेतन विसंगति दूर करना, पूर्व सेवा अवधि की गणना कर उसका लाभ देना तथा VSK एप में आ रही तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान शामिल है।

प्रदेश के 146 विकासखंडों में निकली पदयात्रा

प्रांतीय संयोजक रूपेन्द्र सिन्हा ने बताया कि शिक्षक साझा मंच के आह्वान पर प्रदेश के 146 विकासखंडों में ब्लॉक अध्यक्षों के नेतृत्व में पदयात्रा और रैली निकालकर शिक्षकों की सेवा, सुरक्षा, न्याय एवं सम्मान से जुड़ी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इसी कड़ी में बालोद जिले के पांचों विकासखंडों में भी शिक्षकों ने बारिश के बीच पदयात्रा निकालकर अपनी मांगें रखीं।

9 सितंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

शिक्षक साझा मंच के पदाधिकारी खिलानंद साहू ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि शिक्षकों के अधिकार, सम्मान, न्याय और सुरक्षित भविष्य के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष है।

मंच ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर राजधानी रायपुर में भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वहीं मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में 9 सितंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की बात कही गई है।

बालोद ब्लॉक में सैकड़ों शिक्षक हुए शामिल

बालोद ब्लॉक मुख्यालय में सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन में भाग लिया और टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

इस अवसर पर प्रांत संयोजक रूपेन्द्र सिन्हा, जिला संयोजक एलेन्द्र यादव, वेदप्रकाश साहू, खिलानंद साहू, ब्लॉक संयोजक संदीप दुबे, लोकेश साहू, हिलेश्वर देवांगन, अश्वनी सिन्हा, अरविंद यादव, तोमन भुआर्य, संतोष विश्वकर्मा, प्रवीण पाण्डेय, विष्णु प्रसाद सुधाकर, लोकेन्द्र यादव, विष्णु साहू, कुलेश्वर देशमुख, दीपक सोनी, फलेश देवांगन, पदमणी साहू, खेमलता ठाकुर, अन्नपूर्णा मंडावी, अनुपमा चौबे, निर्मला मिंज, धनमत साहू, गीतेश्वरी साहू, हेमंत देशमुख, यामिनी साहू, कामिन यादव, अंजू सागर, दयाराम चुरेंद्र, राजेश साहू, दुलार सिंह कौशिक सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

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