टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षकों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, 29 अगस्त को जिला स्तरीय आंदोलन की चेतावनी
डौंडी। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ब्लॉक इकाई डौंडी के बैनर तले शिक्षकों ने वर्षों से लंबित मांगों को लेकर 22 अगस्त को ब्लॉक मुख्यालय डौंडी में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। शिक्षक पहले विद्यालय पहुंचे और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के बाद दोपहर 12 बजे धरना स्थल पर एकत्रित हुए।
फेडरेशन के ब्लॉक अध्यक्ष प्रहलाद कौसमार्य एवं पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन द्वारा शिक्षकों की सेवा, सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया गया है। शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से मांगों के समाधान की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण अब लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
ये हैं शिक्षकों की प्रमुख मांगें
शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, वरिष्ठता के क्रम में पदोन्नति करने, भाजपा के संकल्प पत्र एवं मोदी की गारंटी के तहत वेतन विसंगति दूर करने, पूर्व सेवा अवधि की गणना कर उसका लाभ देने तथा वीएसके एप में आ रही तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने सहित अन्य मांगें उठाईं।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार की ओर से मांगों के समाधान के लिए उचित पहल नहीं की गई तो 29 अगस्त को जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद प्रांतीय रणनीति के अनुसार आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात भी कही गई।
बारिश के बीच निकाली रैली, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
आंदोलन के दौरान शिक्षकों ने बारिश के बीच रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। रैली के बाद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर शासन-प्रशासन से मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की गई।
शिक्षकों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि अपने अधिकार, सम्मान, न्याय और सुरक्षित भविष्य के लिए है।
‘टकराव नहीं, अधिकार और न्याय की लड़ाई’
फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि “टकराव नहीं, अधिकार और न्याय की लड़ाई” के उद्देश्य से यह आंदोलन किया जा रहा है। शिक्षकों ने शासन से संवेदनशीलता के साथ उनकी मांगों पर विचार कर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
आंदोलन में ब्लॉक अध्यक्ष प्रहलाद कौसमार्य, नकुल अलेन्द्र, शिव कुमार चौरके, सुखराम ठाकुर, रामावतार नेताम, बसंतमणी साहू, ललित कुमार देवांगन, योगेश कुमार, ए. रमेश, बुधराम चंद्राकर, ममता घराना, ममता सोनेश्वर, शबनम खोब्रागड़े, पुष्पांजलि यादव, त्रिवेणी चौरका, आसीम भुषाखरे, झमित बोदेलकर, राजेश्वरी साहू, चित्रलेखा साहू, हेमलता कोसमा, मीनाक्षी सोनी, सुरेश यादव, सोनेश्वर कोर्राम, शारदाचरण देशमुख सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

