गुमनाम गुरुओं की तलाश अंतिम दौर में: छत्तीसगढ़भर से आईं करीब 100 प्रविष्टियां, 6 सितंबर तक आवेदन का आखिरी मौका

Darshan Balod
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6 से 10 सितंबर तक होगा शिक्षकों के कार्यों का परीक्षण, चयनित शिक्षकों को दी जाएगी पृथक सूचना

गुरु गौरव सम्मान 2026 : गुमनाम गुरुओं को पहचान देने की पहल

“सम्मान उन्हीं का, जिनकी सेवा ने बिना शोर किए समाज को गढ़ा।”




बालोद ही नहीं, छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से उत्कृष्ट शिक्षकों की आ रहीं प्रविष्टियां; करीब 100 आवेदन प्राप्त, 6 से 10 सितंबर तक चलेगी परीक्षण प्रक्रिया

बालोद। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को गढ़ने वाला मार्गदर्शक होता है। ऐसे शिक्षकों के समर्पण और योगदान को समाज के सामने लाने के उद्देश्य से दर्शन बालोद द्वारा ‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ की पहल की जा रही है।

इस सम्मान का मूल उद्देश्य उन शिक्षकों को पहचान और सम्मान दिलाना है, जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के वर्षों से शिक्षा और समाज निर्माण में जुटे हुए हैं। पहल को लेकर बालोद जिले के साथ ही छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों की प्रविष्टियां लगातार प्राप्त हुई हैं।

छत्तीसगढ़भर से आईं करीब 100 प्रविष्टियां

‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ के लिए अब तक छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 100 शिक्षकों की प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं। इनमें शासकीय एवं निजी विद्यालयों, सरस्वती शिशु मंदिर तथा अन्य शिक्षण संस्थाओं में कार्यरत शिक्षक शामिल हैं।

इन शिक्षकों ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद विद्यार्थियों की शिक्षा, संस्कार, प्रतिभा विकास और बेहतर भविष्य के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। अब इन गुमनाम लेकिन समर्पित शिक्षकों के कार्यों को सामने लाने और उन्हें सम्मान देने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

नवाचार, सेवा और सामाजिक योगदान बनेगा चयन का आधार


प्राप्त प्रविष्टियों का निर्धारित मापदंडों के आधार पर परीक्षण एवं मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें शिक्षण में नवाचार, विद्यार्थियों पर सकारात्मक प्रभाव, सामाजिक योगदान, ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में सेवा, सीमित संसाधनों में किए गए उल्लेखनीय कार्य तथा निरंतर सेवाभाव जैसे पहलुओं को प्रमुखता दी जाएगी।

प्रविष्टियों की परीक्षण प्रक्रिया 6 सितंबर से 10 सितंबर तक चलेगी। इसके बाद पात्र एवं चयनित शिक्षकों की सूची तैयार की जाएगी।

गूगल फॉर्म भरने से वंचित शिक्षकों के लिए अंतिम मौका

इस बीच ऐसे शिक्षक या उनके परिचित, जो किसी कारणवश गूगल फॉर्म के माध्यम से प्रविष्टि भेजने से वंचित रह गए हैं, उन्हें भी अंतिम अवसर दिया जा रहा है।

6 सितंबर, रविवार तक प्रविष्टियां भेजी जा सकती हैं। इसके बाद प्राप्त होने वाली नई प्रविष्टियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा और चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

चयनित शिक्षकों को दी जाएगी पृथक सूचना

मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित शिक्षकों को सम्मान समारोह एवं आयोजन से संबंधित जानकारी पृथक रूप से दी जाएगी।

इस पहल का संदेश स्पष्ट है—जो शिक्षक बिना शोर किए समाज की नई पीढ़ी गढ़ रहे हैं, उनकी सेवा को पहचान मिले और उनकी प्रेरक कहानी समाज के सामने आए।

20 सितंबर को सम्मान समारोह प्रस्तावित

‘गुरु गौरव सम्मान 2026’ का सम्मान समारोह 20 सितंबर 2026, रविवार को बालोद में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। आयोजन की अंतिम तिथि एवं कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी तय होने के बाद पृथक रूप से जारी की जाएगी।

गुरु गौरव सम्मान केवल पुरस्कार देने की पहल नहीं, बल्कि उन शिक्षकों के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रयास है, जिन्होंने वर्षों तक चुपचाप बच्चों का भविष्य संवारा और समाज को नई दिशा दी।

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गुरु गौरव का फॉर्म


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