राज्य शिक्षक अलंकरण 2026 में प्रतिभा त्रिपाठी को मिला ‘अब्दुल कलाम सम्मान’

Darshan Balod
0

 




वैज्ञानिक सोच, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए हुआ सम्मान

बालोद। भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण के साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही गुरु बालक दास शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोडेला, जिला बालोद की शिक्षिका प्रतिभा त्रिपाठी को राज्य शिक्षक अलंकरण 2026 के अंतर्गत ‘अब्दुल कलाम सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा के अध्यक्ष श्री अभिषेक शुक्ला एवं उनकी टीम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सुरेश अग्रवाल, संस्थापक अपूर्व विज्ञान मेला, नागपुर (महाराष्ट्र) रहे। अध्यक्षता प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री अभिषेक शुक्ला ने की। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग श्री जगजीत सिंह धीर, डॉ. राकेश सोनी, उपकुलसचिव अंजनी विश्वविद्यालय नारधा रायपुर, पद्मश्री श्री अजय कुमार मंडावी, इसरो साइंस एक्टिविटी महाराष्ट्र के श्री नीरज वर्मा, बिहार के विकास फैमिली क्लब के संस्थापक श्री मनोज मिश्रा तथा आर साइंस पार्क गोंदिया महाराष्ट्र की श्रीमती रश्मि वर्मा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

प्रयोगों से विद्यार्थियों में विकसित कर रहीं वैज्ञानिक सोच

शिक्षिका प्रतिभा त्रिपाठी लंबे समय से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ विज्ञान प्रयोग, गतिविधि आधारित शिक्षण, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही हैं। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थी विज्ञान प्रदर्शनी, विज्ञान मॉडल, विभिन्न प्रयोग और विज्ञान पहेलियों जैसी गतिविधियों में भाग लेते हैं।

पर्यावरण के क्षेत्र में भी विद्यार्थियों को सक्रिय रूप से जोड़ते हुए बीज बॉल निर्माण, पौधरोपण, पक्षी संरक्षण और ‘पर्यावरण मित्र मंडली’ जैसी गतिविधियां संचालित की जाती हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपने आसपास के पर्यावरण और वैज्ञानिक गतिविधियों से जोड़ना है।

बालिका शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक मार्गदर्शन

प्रतिभा त्रिपाठी बालिका शिक्षा और मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता जैसे विषयों पर भी विद्यार्थियों को जागरूक करती हैं। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, NMMS एवं Inspire Award जैसी शैक्षिक पहलों के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करती रही हैं।

शिक्षण के साथ उनकी रचनात्मक अभिरुचि गायन और काव्य लेखन में भी है। उनकी काव्य कृति ‘प्रतिभा सुमन’ प्रकाशित हो चुकी है।

‘अब्दुल कलाम सम्मान’ से सम्मानित किए जाने पर विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों ने प्रतिभा त्रिपाठी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह सम्मान उनके शैक्षिक समर्पण, वैज्ञानिक सोच, पर्यावरणीय चेतना और समाजोपयोगी कार्यों को मिली पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा के माध्यम से वैज्ञानिक सोच और प्रकृति के प्रति जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक स्थानों तक पहुंचे और विद्यार्थी विज्ञान को केवल विषय के रूप में नहीं, बल्कि जीवन को समझने के माध्यम के रूप में अपनाएं—यही इस पहल की भावना है।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)
To Top