बालोद, 09 सितंबर 2026। स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ ग्राम की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए डौण्डीलोहारा विकासखंड की ग्राम पंचायत नाहंदा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिला पंचायत के प्रभारी अधिकारी के अनुसार ग्राम पंचायत नाहंदा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुरूप कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाया है। इस उपलब्धि के अवसर पर ग्रामवासियों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रभा नायक, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कांति सोनबरसा, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नारायण बंजारा, सरपंच श्री रूपेश सिन्हा, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
चार प्रकार के कचरे का घरों में हो रहा पृथक्करण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य केवल कचरा उठाना नहीं, बल्कि कचरे के उत्पादन को कम करना, उसका पृथक्करण, पुनः उपयोग और उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों, स्वच्छाग्रहियों और ग्रामीण समुदाय के बीच समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत नाहंदा में ग्रामीणों द्वारा प्रत्येक घर में चार प्रकार के कचरे का पृथक्करण किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण स्वयं टिन के चार अलग-अलग डिब्बों का उपयोग कर रहे हैं। पंचायत द्वारा घरों से निकलने वाले कचरे का नियमित संग्रहण कर उसे निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, बना बर्तन बैंक
ग्राम पंचायत नाहंदा में स्वच्छता को लेकर सामाजिक संगठनों ने भी पहल की है। सभी सामाजिक संगठनों द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने के साथ बर्तन बैंक स्थापित किया गया है। इससे सामाजिक एवं सामुदायिक आयोजनों में डिस्पोजेबल सामग्री के उपयोग को कम करने में मदद मिलेगी।
पंचायत स्तर पर कचरा प्रबंधन की शुरुआत स्रोत से ही की जा रही है। ग्रामीण परिवारों को गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कचरे के नियमित संग्रहण और उसके उचित प्रबंधन की व्यवस्था से गांव में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले के लिए बनी अनुकरणीय पहल
ग्राम पंचायत नाहंदा की यह पहल जिले में एसडब्ल्यूएम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में सामने आई है। पंचायत द्वारा की गई पहल से स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और कचरे को संसाधन में बदलने की सोच को बढ़ावा मिल रहा है।
ग्राम पंचायत नाहंदा की पहल यह संदेश देती है कि ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी और पंचायत स्तर पर बेहतर व्यवस्था के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाया जा सकता है।
