बालोद। नरेन्द्र कुमार रजक, शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पसौद, विकासखंड गुंडरदेही, जिला बालोद, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, संस्कृति एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी सेवा के 20 साल पूरे किए हैं।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त समय, पालकों से भी लगातार संपर्क
वे कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय देकर अध्यापन करते हैं तथा पालक संपर्क के माध्यम से बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के लिए कार्ययोजना बनाते हैं।
खेल विभाग की जिम्मेदारी, पीटी और योग से जोड़ रहे बच्चों को
खेल विभाग का दायित्व निभाते हुए वे पीटी, योग एवं विभिन्न खेल गतिविधियों का संचालन करते हैं। शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के शारीरिक विकास पर भी उनका विशेष जोर रहता है।
सीड बॉल से पौधरोपण तक, पर्यावरण संरक्षण की मुहिम
पर्यावरण संरक्षण के लिए वे सीड बॉल निर्माण, पौध वितरण एवं जनजागरूकता अभियान में सक्रिय रहते हैं तथा वर्ष 2026 में 100 से अधिक पौधों का रोपण कर चुके हैं।
जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए बढ़ाते हैं हाथ
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को स्वयं के खर्च से कॉपी, पेन एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराते हैं। वहीं ग्रामीण बच्चों के लिए शिक्षण-अधिगम सामग्री की व्यवस्था कर शिक्षण को प्रभावी बनाने का प्रयास भी करते हैं।
संस्कृति के संरक्षण के लिए युवाओं को कर रहे संगठित
स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए वे युवाओं को संगठित करते हैं और उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास करते हैं।
शिक्षकीय योगदान को मिले सम्मान
उनके योगदान के लिए वर्ष 2021 में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान तथा वर्ष 2024 में NTCF द्वारा शिक्षक सृजन गौरव अलंकरण से सम्मानित किया गया।
20 वर्षों की उनकी शिक्षकीय यात्रा यह संदेश देती है कि शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती। शिक्षा के साथ खेल, पर्यावरण, संस्कृति और समाजसेवा के माध्यम से भी वह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समाज निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
