बालोद। स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ छत्तीसगढ़ ने नाराजगी जताते हुए चरणबद्ध अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ ने कहा है कि यदि 4 अक्टूबर 2026 तक पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए गए, तो प्रदेशभर के शिक्षक संवर्ग द्वारा 5 अक्टूबर से आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने जारी बयान में बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मई 2026 से विभिन्न स्तरों पर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की गई थी। उनके अनुसार, 15 मई को लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर द्वारा आदेश जारी कर 30 जून तक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 30 जून को नई समय-सीमा तय करते हुए 15 अगस्त तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।
संघ का कहना है कि 10 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों को 30 अगस्त तक पदोन्नति प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद निर्धारित समय-सीमा बीतने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं होने का आरोप संघ ने लगाया है।
5 अक्टूबर से शुरू होगी पदोन्नति न्याय पदयात्रा
संघ ने घोषित आंदोलन की रूपरेखा के अनुसार 5 अक्टूबर को भिलाई से दुर्ग तक ‘पदोन्नति न्याय पदयात्रा’ निकालने की बात कही है। इसके बाद 6 अक्टूबर को शिक्षा मंत्री के निवास के बाहर सत्याग्रह किया जाएगा। संघ ने 7 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
संघ ने कहा कि प्रदेश के हजारों पात्र शिक्षक पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बार-बार समय-सीमा निर्धारित होने के बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं होने से शिक्षकों में आक्रोश और निराशा है। संघ ने शासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग से 4 अक्टूबर तक पदोन्नति आदेश जारी करने की मांग की है।
बालोद जिले से संघ के जिलाध्यक्ष कमल कांत साहू, कार्यकारी अध्यक्ष गोलेश सिरमौर एवं नारायण साहू ने भी आंदोलन के समर्थन में अपनी भागीदारी जताई है। संघ ने कहा कि आंदोलन के दौरान विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था अथवा छात्रहित प्रभावित होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी शासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग की होगी।

