सड़कों पर मवेशियों की मौतों को लेकर AAP का सरकार पर हमला, पंकज जैन बोले—व्यवस्था पूरी तरह विफल

Darshan Balod
0

 


बेसहारा पशुओं के लिए शेल्टर, चारा और चिकित्सा सुविधा की मांग; 24 घंटे रेस्क्यू टीम गठित करने की उठाई आवाज

बालोद, 11 सितंबर 2026। प्रदेश में बेसहारा मवेशियों की समस्या और सड़कों पर हो रही दुर्घटनाओं को लेकर आम आदमी पार्टी जिला बालोद ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। आम आदमी पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी पंकज जैन ने आरोप लगाया कि पशुधन संरक्षण और संवर्धन से जुड़ी व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से संचालित नहीं हो रही हैं, जिसके कारण बेसहारा मवेशियों को भूख, प्यास और आश्रय के अभाव में सड़कों पर भटकना पड़ रहा है।

पंकज जैन ने कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजनांदगांव कलेक्ट्रेट परिसर तक में बेसहारा मवेशियों के पहुंचने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में चारे-पानी और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था नहीं होने से पशुओं के साथ-साथ किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ रही है।

सड़क हादसों को लेकर जताई चिंता

AAP नेता ने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में प्रदेश के राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर आवारा मवेशियों के कारण अनेक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में गोवंश के साथ राहगीरों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने गौठानों और कांजी हाउसों की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पशुधन संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि बेसहारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए और सड़कों पर पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

AAP ने रखीं प्रमुख मांगें

आम आदमी पार्टी ने प्रदेश के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बेसहारा गोवंश के लिए पर्याप्त शेल्टर, पौष्टिक चारा और नियमित पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही सड़कों से आवारा पशुओं को सुरक्षित पुनर्वास केंद्रों तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक जिले में 24×7 समर्पित रेस्क्यू टीम गठित करने की मांग भी की गई है।

पंकज जैन ने कहा कि पशुधन संरक्षण केवल सरकारी योजना का विषय नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सड़क सुरक्षा से भी जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर बेसहारा मवेशियों और आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)
To Top