जन्मदिन पर शिक्षक ने बच्चों को दिया स्वच्छता का संदेश, ‘साबुन बैंक’ में 50 साबुन किए दान
उमाशंकर साहू ने 50 लाइफबॉय साबुन, बाल्टी और मग भेंट किए, बच्चों को दिलाई स्वच्छता की शपथ
बस्तर। जन्मदिन को केवल व्यक्तिगत खुशी तक सीमित रखने के बजाय उसे सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए बस्तर विकासखंड के ओंडारकोट में पदस्थ सहायक शिक्षक उमाशंकर साहू ने अनुकरणीय पहल की। उन्होंने अपने जन्मदिन के अवसर पर प्राथमिक शाला मावलीगुड़ा में संचालित ‘साबुन बैंक’ के लिए 50 लाइफबॉय साबुन, एक बाल्टी और एक मग भेंट किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी बच्चों को चॉकलेट भी वितरित की गई।
शिक्षक उमाशंकर साहू ने बच्चों को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए नियमित रूप से हाथ धोने और स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उनकी इस पहल से बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ स्वस्थ आदतों को व्यवहार में अपनाने का संदेश भी मिला।
2023 में शुरू हुआ था ‘साबुन बैंक’
प्राथमिक शाला मावलीगुड़ा में ‘साबुन बैंक’ की शुरुआत वर्ष 2023 में शिक्षक उमाशंकर साहू द्वारा की गई थी। इस पहल को संस्था प्रमुख प्रशांत देवांगन, शिक्षिका पद्मा बंछोर, पालकों एवं विद्यार्थियों का सहयोग मिला। वहीं पुष्पेंद्र कश्यप (जिला सक्ती) के मार्गदर्शन ने भी इस अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हर बच्चे के जन्मदिन पर एक साबुन
‘साबुन बैंक’ की अवधारणा बेहद सरल है—हर बच्चा अपने जन्मदिन पर एक साबुन दान करता है। बच्चों द्वारा दिए गए साबुन का उपयोग विद्यालय में दोपहर का भोजन करने से पहले हाथ धोने के लिए किया जाता है। इस छोटी-सी पहल ने अब बच्चों में स्वच्छता की आदत विकसित करने के लिए एक व्यावहारिक अभियान का रूप ले लिया है।
अभियान का उद्देश्य बच्चों में नियमित रूप से हाथ धोने की आदत विकसित करना, संक्रमण एवं बीमारियों से बचाव तथा विद्यार्थियों और पालकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है। भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने जैसी आदतों को बच्चों की दैनिक दिनचर्या में शामिल करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जन्मदिन को बनाया यादगार
शिक्षक उमाशंकर साहू ने जन्मदिन पर उपहार लेने के बजाय बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए योगदान देकर सकारात्मक संदेश दिया। कार्यक्रम में पालक मलसाय दीवान, सभी छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में उत्साह, जागरूकता और सहयोग की भावना दिखाई दी।

