राठी, माहेश्वरी एवं मारवाड़ी समाज की माताओं-बहनों ने गौ माता और बछड़े का विधि-विधान से किया पूजन
बालोद। वात्सल्य और आस्था के पर्व बछ बारस (गोवत्स द्वादशी) के अवसर पर श्री महावीर गौशाला अनुसंधान केंद्र, बालोद में धार्मिक एवं पारंपरिक वातावरण में पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर नगर के राठी परिवार, माहेश्वरी एवं मारवाड़ी समाज की माताओं-बहनों ने गौशाला पहुंचकर विधि-विधान से गौ माता और बछड़े का पूजन किया।
पर्व के दौरान महिलाओं ने गौ माता की पूजा-अर्चना कर अपने बच्चों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। श्रद्धालुओं ने गौ सेवा एवं गौ पूजन कर धार्मिक आस्था व्यक्त की।
सनातन परंपरा और लोक-संस्कृति से जुड़ा पर्व
बछ बारस सनातन परंपरा और विभिन्न समाजों की लोक-संस्कृति में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस अवसर पर गौ माता एवं बछड़े की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों के मंगल की कामना की जाती है।
महावीर गौशाला में भी पूरे दिन श्रद्धा और भक्ति का वातावरण रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गौशाला पहुंचकर पूजा-अर्चना की और गौ सेवा में सहभागिता निभाई।
गौ सेवा का लिया संकल्प
श्री महावीर गौशाला परिवार ने पर्व के अवसर पर सभी श्रद्धालुओं का अभिनंदन एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गौ सेवा और गौ संरक्षण के प्रति समाज की सहभागिता निरंतर बनी रहनी चाहिए। पर्व हमें सेवा, करुणा और जीवों के प्रति संवेदना का संदेश देता है।
गौशाला परिवार ने सभी के परिवार में सुख, समृद्धि एवं आरोग्य की कामना की और गौ माता की सेवा एवं संरक्षण के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया।

