कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने शत-प्रतिशत कार्य समय-सीमा में पूरा करने के दिए निर्देश, मोबाइल ऐप से दर्ज होगी लोकेशन
बालोद, 25 सितंबर 2026। जिले में डिजिटल फसल सर्वेक्षण के शेष खसरों का फसल भौतिक सत्यापन अब समय-सीमा में पूरा किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फसल भौतिक सत्यापन का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अमले को अपने-अपने क्षेत्र में आबंटित खसरों की लोकेशन मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज करने तथा कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा है।
संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में शुक्रवार को फसल भौतिक सत्यापन मोबाइल ऐप के उपयोग को लेकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान ऐप के माध्यम से खसरों की लोकेशन दर्ज करने की प्रक्रिया और निर्धारित समय-सीमा में सत्यापन कार्य पूरा करने की जानकारी दी गई।
683 गांवों में 6.72 लाख से अधिक खसरों का सर्वेक्षण
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। विभाग के अनुसार जिले के 683 ग्रामों में कुल 6 लाख 72 हजार 288 खसरों का डिजिटल फसल सर्वेक्षण किया जा चुका है। शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा में शेष खसरों का फसल भौतिक सत्यापन कर सर्वेक्षण कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर के निर्देशानुसार शेष खसरों के भौतिक सत्यापन के लिए राजस्व निरीक्षकों एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को उनके प्रभार क्षेत्र के ग्रामों का दायित्व सौंपा गया है। कर्मचारियों को ग्रामवार खसरों का आबंटन अलग से किया जाएगा।
संबंधित अधिकारी-कर्मचारी फसल भौतिक सत्यापन मोबाइल ऐप के माध्यम से खसरों की लोकेशन के साथ अक्षांश एवं देशांतर की प्रविष्टि करेंगे। प्रशासन का कहना है कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण किसानों एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए शेष कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

