मटिया में गूंजा ‘जय शनिदेव’, वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य हवन के बीच हुई शनि शिला की प्राण प्रतिष्ठा

Darshan Balod
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दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब, महाआरती के बाद श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद

बालोद। जिले के ग्राम मटिया (पी) में शनिवार का दिन आस्था, भक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा। जय भोले जस गीत झांकी मंडली, मटिया के छोरे ग्रुप एवं समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त सहयोग से शनिदेव महाराज की पवित्र शिला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान पूरा गांव वैदिक मंत्रोच्चार और ‘जय शनिदेव’ के जयकारों से गूंज उठा।

सुबह से ही गांव में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। शनिदेव की शिला स्थापित करने की इच्छा ग्रामीणों के मन में लंबे समय से थी, जो शनिवार को विधिवत प्राण प्रतिष्ठा के साथ पूरी हुई। आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर कई दिनों तक तैयारियां कीं।

पंडित ज्ञानेश्वर दुबे ने कराया विधि-विधान से पूजन

प्राण प्रतिष्ठा के लिए क्षेत्र के विद्वान पंडित ज्ञानेश्वर दुबे को मुख्य आचार्य के रूप में आमंत्रित किया गया था। उन्होंने वैदिक रीति-रिवाज एवं मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। सुबह शनि शिला का शुद्धिकरण, जलाधिवास सहित विभिन्न अधिवास की विधियां संपन्न कराई गईं।

इसके बाद मुख्य वेदी पर हवन-पूजन का आयोजन किया गया। यज्ञकुंड में आहुतियों के साथ गूंजते वैदिक मंत्रों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुख्य यजमानों एवं श्रद्धालुओं ने हवन में आहुति अर्पित कर गांव की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं आरोग्य की कामना की। दोपहर में पूर्णाहुति के पश्चात शनिदेव महाराज की भव्य महाआरती की गई।

आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु

शनिदेव शिला की प्राण प्रतिष्ठा के इस धार्मिक अवसर का साक्षी बनने के लिए मटिया सहित आसपास के गांवों से भी सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। महिलाओं, बुजुर्गों एवं बच्चों ने कतार में लगकर शनिदेव के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

हर शनिवार होगी विशेष पूजा

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि अब गांव में प्रत्येक शनिवार को शनिदेव महाराज की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। प्राण प्रतिष्ठा समारोह को सफल बनाने में ग्राम के प्रबुद्धजनों, युवाओं एवं समिति के सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

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