शिक्षक रत्न सम्मान से सम्मानित हुईं रायगढ़ की शिक्षिका एवं बाल साहित्य लेखिका सुशीला साहू

Darshan Balod
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नवाचारी शिक्षण और बाल साहित्य लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर में मिला सम्मान

रायगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, रचनात्मकता और समर्पित सेवाओं के साथ बाल साहित्य लेखन में विशिष्ट पहचान बनाने वाली शासकीय प्राथमिक शाला कोसमनारा की शिक्षिका एवं बाल साहित्य लेखिका सुशीला साहू को रायपुर में आयोजित समारोह में ‘शिक्षक रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने उन्हें सम्मानित करते हुए शिक्षकों के योगदान को समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।

इस अवसर पर डॉ. ममता साहू ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल एक दिन नहीं, बल्कि एक संस्कार है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश का भविष्य कक्षाओं में बनता है। उन्होंने विशेष रूप से महिला शिक्षिकाओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक समाज की रीढ़ हैं और उनका सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान है।

सुशीला साहू शिक्षण कार्य के साथ बाल साहित्य लेखन के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। उनकी रचनाओं में बाल मनोविज्ञान, प्रकृति, शिक्षा, संस्कार और सामाजिक चेतना के विविध स्वर दिखाई देते हैं। वर्तमान में वे पीएचडी शोधार्थी हैं। शिक्षा और साहित्य के माध्यम से बच्चों में संवेदनशीलता एवं सकारात्मक सोच विकसित करने का उनका प्रयास निरंतर जारी है।

विद्यालय में सुशीला साहू ने बच्चों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखते हुए गतिविधि-आधारित एवं नवाचारी शिक्षण को बढ़ावा दिया है। बच्चों में सीखने के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ रचनात्मकता, पर्यावरण संरक्षण, संस्कार और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों में भी वे सक्रिय रहती हैं।

सम्मान को बताया बच्चों और सहयोगियों के विश्वास का सम्मान

‘शिक्षक रत्न सम्मान’ प्राप्त होने पर सुशीला साहू ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन सभी बच्चों, अभिभावकों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों के विश्वास का सम्मान है, जो शिक्षा को समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम मानते हैं। उन्होंने कहा कि सम्मान मिलने के बाद जिम्मेदारी और बढ़ जाती है तथा वे भविष्य में भी बच्चों के हित में नए प्रयोग और रचनात्मक कार्य करती रहेंगी।

समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 101 शिक्षकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. दीपक शर्मा, IGKV रायपुर, ने कहा कि शिक्षक अन्नदाता की तरह ज्ञानदाता है और मंच पर सम्मानित 101 शिक्षकों की आंखों में दिखाई देने वाली चमक ही वास्तविक भारत की तस्वीर है।

कार्यक्रम में रघुनाथ भारद्वाज, डॉ. विपुल चौधरी (NIT रायपुर), डॉ. कविता कुम्भज (बिट बाइट इन्फो), डॉ. प्रीति उपाध्याय, मनोज वैष्णव, डॉ. रितु श्रीवास्तव, पीयूष जैन (समाजसेवी एवं मुख्य संयोजक), प्रिया गुप्ता (डायरेक्टर, बिट बाइट इन्फोटेक), शगुफ्ता अफरोज (डायरेक्टर, अज़ीम एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी) तथा सार्थक जैन (डायरेक्टर, एस.एस. क्रिएशन इवेंट कंपनी, रायपुर) सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति रही।

सुशीला साहू के सम्मानित होने पर शिक्षा जगत के साथ साहित्यिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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