पर्यावरणप्रेमी शिक्षक नरेंद्र कुमार रजक ने भी विद्यार्थियों को दिया खास तोहफा, बाल दिवस पर 118 बच्चों को निःशुल्क टाई-बेल्ट देने का किया वादा
बालोद। जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पसौद, विकासखंड गुंडरदेही में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने आपसी सहयोग से अपने शिक्षकों का सम्मान करते हुए उन्हें मिठाई खिलाई तथा डायरी, पेन, पुष्पगुच्छ और श्रीफल भेंट किए।
विद्यार्थियों ने साझा किए शिक्षकों से जुड़े अनुभव
कार्यक्रम में कक्षा छठवीं की छात्रा तानिया ने कहा कि शिक्षकों से मिलने वाले ज्ञान को जीवन में आत्मसात कर निरंतर मेहनत करने से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में शिक्षकों से मिलने वाली शिक्षा और संस्कार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं, इसलिए शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता कहा जाता है।
कक्षा आठवीं की छात्रा कनिका पटेल ने कहा कि उसे हमेशा शिक्षकों से कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। किसी विषय को समझने में कठिनाई होने पर शिक्षक धैर्य के साथ उसकी मदद करते हैं।
वहीं कक्षा आठवीं की छात्रा पायल साहू ने कहा कि शिक्षकों की सकारात्मक सोच और पढ़ाने के सरल तरीके ने उसके मन में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाई है। एक बेहतर इंसान बनने के लिए शिक्षक जो मेहनत कर रहे हैं, उसके लिए वह जीवनभर उनकी आभारी रहेगी। विद्यार्थियों ने सभी शिक्षकों के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए शिक्षक दिवस को यादगार बनाया।
बाल दिवस पर 118 बच्चों को मिलेगा टाई-बेल्ट
विद्यालय के शिक्षक एवं पर्यावरणप्रेमी नरेंद्र कुमार रजक ने विद्यार्थियों के सम्मान में आने वाले बाल दिवस पर प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला के सभी 118 बच्चों को निःशुल्क टाई और बेल्ट प्रदान करने का वादा किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों, माता-पिता और सभी वरिष्ठजनों का सम्मान केवल किसी विशेष दिन नहीं, बल्कि प्रतिदिन करना चाहिए। सम्मान और संस्कार जीवन में आगे बढ़ने की मजबूत आधारशिला हैं।
नरेंद्र कुमार रजक ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में वे जो भी बनें और जो भी कार्य करें, उसके साथ-साथ एक अच्छा नागरिक जरूर बनें। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ पढ़ा और सीखा है, उसे दूसरों तथा आने वाली पीढ़ी के साथ साझा करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा कि विद्यालय के शिक्षकों के साथ-साथ जिंदगी भी हमें अनेक महत्वपूर्ण पाठ सिखाती है और जीवन के अनुभव भी हमारे महत्वपूर्ण शिक्षक होते हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के प्रति व्यक्त किए गए सम्मान और भावनाओं ने शिक्षक दिवस के आयोजन को विशेष बना दिया।


