शिक्षक दिवस और जन्माष्टमी का हुआ संयुक्त आयोजन, राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजे बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुति
बालोद। शासकीय प्राथमिक शाला छेड़िया में शिक्षक दिवस के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चे भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी की आकर्षक वेशभूषा में विद्यालय पहुंचे। नन्हे राधा-कृष्ण और बाल सखाओं की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।
डॉ. राधाकृष्णन के जीवन से मिली प्रेरणा
कार्यक्रम में प्रधान पाठक मेनका कटेन्द्र ने शिक्षक दिवस के महत्व की जानकारी देते हुए महान शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के शिक्षकीय जीवन से जुड़ी प्रेरक बातों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व और शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना के बारे में बताया।
इसके साथ ही उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके जीवन प्रसंगों की कथा सुनाकर बच्चों को श्रीकृष्ण के आदर्शों एवं संदेशों से परिचित कराया।
राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चे
श्रीकृष्ण के रूप में हिमांक, इशांत गौरव, डेविड एवं गजानंद तथा राधा रानी की वेशभूषा में ओजस्वी, यूसिका, हिमांशी, नोविया, मानवी एवं भूमि ने भाग लिया।
वहीं बाल सखाओं के रूप में पीयूष, दक्ष, वैभव, माही, मोक्षिका, खुशी एवं काजल ने दही लूट की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर को उत्सवमय बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक शिक्षक संतोष राव कृदत्त ने किया। इस अवसर पर सहायक शिक्षक तिलेश्वरी साहू, अन्नपूर्णा साहू एवं डीलेश्वरी साहू सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षकों के प्रति सम्मान, भारतीय संस्कृति और श्रीकृष्ण के प्रेम एवं सद्भाव के संदेश से जोड़ने का प्रयास किया गया।

