हिंदी भाषा हमारी सभ्यता और संस्कृति का दर्पण है—प्रो. भोयर

Darshan Balod
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भक्त माता कर्मा शासकीय कन्या महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर छात्राओं ने गीत, कविता और भाषण से दी प्रस्तुति

बालोद। भक्त माता कर्मा शासकीय कन्या महाविद्यालय, बालोद में 16 सितंबर को हिंदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य सुश्री कलेन्द्री रावटे के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी भाषा के महत्व एवं उपयोगिता का प्रचार-प्रसार करते हुए छात्राओं को हिंदी के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे एवं हिंदी के रचनाकारों के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्रभारी प्राचार्य सुश्री कलेन्द्री रावटे ने हिंदी को जनभाषा एवं भावों की भाषा बताते हुए इसके महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा सरस एवं सहज है, जो लोगों में अपनेपन का बोध कराती है।

हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. धीवराज कुमार भोयर ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता एवं संस्कृति का दर्पण है। हिंदी भारत के साथ वैश्विक स्तर पर भी प्रमुख भाषाओं में शामिल है और विश्व की बड़ी आबादी परस्पर संवाद के लिए इसका प्रयोग करती है। उन्होंने बताया कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में हिंदी दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि हिंदी हमें एकता और भाईचारे का संदेश देती है। डिजिटल एवं तकनीकी युग में हिंदी का महत्व कम होने के बजाय और बढ़ा है। उन्होंने सभी से हिंदी के सम्मान, गरिमा एवं उपयोगिता के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

प्रो. संतोष कुमार राना ने हिंदी भाषा की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें अपनी हिंदी भाषा पर गर्व होना चाहिए और इसके विकास के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हिंदी एक सक्रिय एवं उपयोगी भाषा के रूप में सामने आई और इसके माध्यम से लोगों में राष्ट्रीयता की भावना को मजबूत करने में मदद मिली।

हिंदी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने गीत, कविता एवं भाषण प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन करते हुए डॉ. दीपाली ने कहा कि हिंदी मानवीय भावनाओं एवं विचारों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। हमें हिंदी को अपने जीवन से कभी अलग नहीं होने देना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में छात्राओं एवं उपस्थितजनों के बीच मिष्ठान वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रो. तरुण कुमार, डॉ. अमित कुमार सिंह, श्री विनोद कुमार साहू, डॉ. श्रेष्ठा शुक्ला, जिज्ञासा पटेल, वर्षा साहू, श्री सोमन तारम, श्री रूपेन्द्र ठाकुर, श्री यशवंत देशमुख, श्री धरमू राम राउत, श्री राजेश कलिहारी, सुश्री प्रीति ठाकुर सहित महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

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