राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित नेमसिंह साहू ने बढ़ाया बालोद का मान

Darshan Balod
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18 वर्षों की शिक्षकीय सेवा में नवाचार, विज्ञान शिक्षण, स्काउटिंग और सामाजिक सरोकारों में उल्लेखनीय योगदान; 40 से अधिक विद्यार्थियों को राज्यपाल पुरस्कार दिलाने में निभाई अहम भूमिका

बालोद। शिक्षण के साथ नवाचार, स्काउटिंग, विज्ञान गतिविधियों, सामाजिक जागरूकता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय बालोद के व्याख्याता (रसायन विज्ञान) नेमसिंह साहू को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य शिक्षक पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित किया गया। लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में आयोजित समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की।

समारोह में शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा, शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, राज्यपाल के सचिव सीआर प्रसन्ना, लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

राज्य स्तर पर शिक्षा जगत का यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर नेमसिंह साहू ने इसे अपने स्वर्गीय पिता संतू राम साहू, अपने विद्यालय और अपनी जन्मभूमि ग्राम बड़गांव को समर्पित किया।

कठिन विषय को सरल बनाने की कोशिश

नेमसिंह साहू करीब 18 वर्षों से शिक्षण कार्य से जुड़े हैं। वे अपनी निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और सेवाभाव के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने जहां भी पदस्थापना हुई, वहां नवाचार, शिक्षण कला, उपचारात्मक शिक्षण और पाठ्य सहगामी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञान एवं कौशल को विकसित करने का प्रयास किया।

रसायन विज्ञान जैसे कठिन विषय के सिद्धांतों और अवधारणाओं को प्रयोगशाला में सरल एवं प्रयोगात्मक तरीके से समझाने पर उनका विशेष जोर रहता है। उनके शिक्षकीय कार्यकाल में 11 वर्ष से अधिक समय तत्कालीन अति नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में भी बीता, जहां उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी सेवाएं दीं।

कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने ऑनलाइन एवं वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखा। स्काउट-गाइडिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुशासन, सेवा और नेतृत्व का प्रशिक्षण देने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

40 से अधिक विद्यार्थियों को मिला राज्यपाल पुरस्कार

स्काउटिंग के क्षेत्र में नेमसिंह साहू के मार्गदर्शन में 40 से अधिक विद्यार्थियों को राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसके अलावा वे इंस्पायर अवार्ड के लिए विद्यार्थियों को लगातार प्रोत्साहित एवं नामांकित करते रहे हैं और विद्यार्थियों को संभाग स्तर तक पहुंचाने में भी सफल रहे हैं।

विद्यालय में वे प्रयोगशाला, स्काउट, ऊर्जा क्लब, विज्ञान क्लब, इको क्लब, युवा संसद, कला महोत्सव, छात्र परिषद सहित विभिन्न गतिविधियों के प्रभारी का दायित्व निभाते रहे हैं। विज्ञान मॉडल निर्माण, जागरूकता कार्यक्रमों और अन्य संस्थागत गतिविधियों में भी उनका सक्रिय योगदान रहा है।

विद्यालय में शिक्षक की कमी के समय रसायन विज्ञान के व्याख्याता होने के बावजूद उन्होंने कक्षा 10वीं बोर्ड के हिंदी विषय का भी अध्यापन किया। विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षक साथियों द्वारा उनकी कार्यनिष्ठा और सेवाभाव की सराहना की जाती है।

मुख्यमंत्री भी कर चुके हैं सम्मानित

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी नेमसिंह साहू को सम्मानित किया था। उन्होंने अपने विद्यालय के रोवर्स एवं रेंजर्स दल के साथ सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई।

दोपहिया वाहन चालकों एवं पीछे बैठने वाली सवारी को हेलमेट पहनने, कार में सीट बेल्ट लगाने, बाइक पर तीन सवारी नहीं चलाने तथा यातायात नियमों के पालन के लिए आम लोगों को जागरूक करने सहित विभिन्न गतिविधियों में उनका योगदान रहा। व्यस्त सड़कों पर यातायात नियंत्रण में सहयोग और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता फैलाने का कार्य भी उनके मार्गदर्शन में किया गया।

वन मंत्री केदार कश्यप से भी मिल चुका सम्मान

जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह 2025 में वन मंत्री केदार कश्यप ने भी नेमसिंह साहू को अध्यापन के साथ स्काउट-गाइड के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया था।

उनके मार्गदर्शन में प्रतिवर्ष स्काउट, गाइड, रोवर और रेंजर विद्यार्थी राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त कर रहे हैं। स्काउट-गाइडिंग को वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं।

शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय

अध्यापन के अलावा नेमसिंह साहू द्वारा शैक्षिक गुणवत्ता सुधार, शैक्षिक नवाचार, उपचारात्मक शिक्षा, साइबर सुरक्षा जागरूकता, आपदा प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, वृक्षारोपण, मतदाता जागरूकता, शैक्षणिक भ्रमण, हाइक, समर कैंप और अनौपचारिक शिक्षा जैसी गतिविधियों में योगदान दिया जा रहा है।

उन्होंने प्रवेश उत्सव, न्योता भोज, साइकिल वितरण, निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण और विभिन्न परीक्षाओं एवं प्रतियोगिताओं के आयोजन में भी सहयोग किया है। कोरोना काल में निःशुल्क मास्क वितरण, वृद्धाश्रम में सेवा कार्य, भीषण गर्मी में प्याऊ संचालन तथा मंदिरों में सेवा जैसे सामाजिक कार्यों में भी उनकी सहभागिता रही है।

पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए साइकिल रैली, जनगणना कार्य में सहभागिता तथा शिक्षा विभाग एवं शासन द्वारा आयोजित सेवाकालीन प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं में सक्रिय भागीदारी भी उनके कार्यों का हिस्सा रही है।

पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान

राज्य शिक्षक पुरस्कार से पहले भी नेमसिंह साहू को शिक्षा, पर्यावरण, कोरोना जागरूकता, स्काउट-गाइड एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इनमें My NEP Ambassador सम्मान, My NEP ‘मेरी शिक्षा-मेरा भारत’ प्रश्नोत्तरी सम्मान, कोरोना काल में नियमित ऑनलाइन कक्षा संचालन के लिए सम्मान, शिक्षक सम्मान पुरस्कार, NTCF शिक्षक गौरव अलंकरण में बेस्ट स्काउट-गाइड टीचर एवं सर्वोत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, दैनिक बालोद वेब न्यूज का अध्यापक अलंकरण सम्मान, पर्यावरण जीवनशैली जागरूकता सम्मान, कोरोना वॉरियर्स सम्मान, UNICEF स्तनपान सप्ताह सहभागिता सम्मान तथा शकुंतला फाउंडेशन रायपुर का उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान प्रमुख हैं।

राज्य शिक्षक पुरस्कार मिलने पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों, जिला संघ बालोद के जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे, जिला मिशन समन्वयक लेखराम साहू, विद्यालय के प्राचार्य अरुण कुमार साहू, विद्यालयीन स्टॉफ, जिला सचिव केएल गजेन्द्र, डीओसी प्रेमलता चंद्राकर, संयुक्त सचिव मधुमाला कौशल, डीटीसी सीमा साहू, भुवन सिन्हा, विकासखंड सचिव चंद्रशेखर दिल्लीवार, मिलन सिन्हा, रूपेन्द्र सिन्हा, मनीराम साहू, तनुजा बंजारे, लिली पुष्पा इक्का सहित स्काउटर, गाइडर, राज्य कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों, विभिन्न संस्थाओं, समाजजनों, परिवारजनों, शुभचिंतकों और विद्यार्थियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

नेमसिंह साहू का सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बालोद जिले के शिक्षा जगत और उन विद्यार्थियों के लिए भी गौरव का विषय है, जिनके मार्गदर्शन और व्यक्तित्व निर्माण में उन्होंने वर्षों से निरंतर योगदान दिया है।

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