देशभर के सिर्फ 15 विद्यार्थियों में मिली जगह, छत्तीसगढ़ से फोटोनिक्स में चयनित होने वाली पहली छात्रा होने का गौरव
बालोद। जिले के ग्राम नर्रा की बेटी हर्षिता साहू ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और वैज्ञानिक बनने के जुनून के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर बालोद और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। बेनू राम साहू की बेटी हर्षिता का चयन डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (DIAT), पुणे में फिजिक्स के फोटोनिक्स विषय में एमएससी टेक के लिए हुआ है। देशभर से महज 15 विद्यार्थियों के चयन वाली इस प्रतिष्ठित प्रवेश प्रक्रिया में जगह बनाकर हर्षिता ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
हर्षिता यहां दो वर्षीय एमएससी टेक की पढ़ाई के साथ एक वर्षीय प्रोजेक्ट वर्क करेंगी। इस दौरान उन्हें रक्षा क्षेत्र से जुड़े वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अत्याधुनिक तकनीक एवं अनुसंधान पर काम करने का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ से पहली छात्रा होने का दावा
हर्षिता के अनुसार, फोटोनिक्स में एमएससी टेक के लिए DIAT में चयनित होने वाली वह छत्तीसगढ़ की पहली छात्रा हैं। उन्होंने बताया कि देशभर से केवल 15 विद्यार्थियों का चयन होने के कारण यह उपलब्धि उनके लिए बेहद खास है। शुरू से ही वैज्ञानिक बनने का लक्ष्य रखने वाली हर्षिता ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की।
उन्होंने सीबीएस (सेंटर फॉर बेसिक साइंस) से संबद्ध रविशंकर विश्वविद्यालय, रायपुर से फिजिक्स में बीएससी ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद आईआईटी जैम परीक्षा की मेरिट के आधार पर उनका चयन DIAT पुणे के लिए हुआ।
रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में बढ़ेगी आगे
DIAT पुणे रक्षा मंत्रालय के अधीन डीआरडीओ से संबद्ध उच्च तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान है। यहां विद्यार्थियों को रक्षा तकनीक, विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अध्ययन एवं प्रोजेक्ट करने का अवसर मिलता है। हर्षिता के लिए यह अवसर उनके वैज्ञानिक बनने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
परिवार में खुशी का माहौल
हर्षिता के चयन की खबर से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनका परिवार वर्तमान में पदुमनगर, भिलाई-3 में निवासरत है। उनके पिता बेनू राम साहू रेलवे में कार्यरत होने के साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं, जबकि माता श्रीमती भारती देवी साहू शिक्षिका हैं।
बालोद जिले के ग्राम नर्रा से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित रक्षा संस्थान में जगह बनाने वाली हर्षिता की सफलता जिले की प्रतिभा और ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और सही दिशा में तैयारी से छोटे गांव से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।


