डौंडीलोहारा में गायत्री परिवार की कार्यकर्ता गोष्ठी, 80 गांवों में होगा ग्राम तीर्थ-ग्राम प्रव्रज्या कार्यक्रम

Darshan Balod
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डौंडीलोहारा। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में रविवार को गायत्री शक्तिपीठ डौंडीलोहारा में विकासखंड स्तरीय कार्यकर्ता गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में आगामी 24 एवं 25 अक्टूबर को विकासखंड के लगभग 80 गांवों में ग्राम तीर्थ-ग्राम प्रव्रज्या कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

कार्यक्रम के तहत गायत्री परिवार के परिजन गांव-गांव पहुंचकर युग निर्माण योजना और विचार क्रांति अभियान का संदेश देंगे। इस दौरान दीप यज्ञ एवं यज्ञ के माध्यम से व्यक्तित्व विकास, संस्कार निर्माण, सामाजिक नवजागरण, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन तथा गौ संरक्षण जैसे विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।

गोष्ठी में तय कार्यक्रम के अनुसार प्रथम दिवस संबंधित गांव में ग्राम भ्रमण किया जाएगा तथा शाम को दीप यज्ञ के माध्यम से युग संदेश दिया जाएगा। दूसरे दिन दूसरे गांव में प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसके बाद सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक यज्ञ एवं युग संदेश का आयोजन होगा। कार्यक्रम के पश्चात दोपहर 2 बजे से गायत्री शक्तिपीठ में जिला स्तरीय कार्यकर्ता गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें कार्यक्रम की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।

गोष्ठी में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने ग्राम तीर्थ-ग्राम प्रव्रज्या कार्यक्रम को लेकर अपने सुझाव रखे। उपस्थित सभी परिजनों ने सुझावों को स्वीकार करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरे तन-मन-धन से सहयोग करने की बात कही।

इस अवसर पर ब्लॉक समन्वयक भोलाराम साहू, मुख्य प्रबंध ट्रस्टी गोवर्धन उर्वशा, पुराणिक लाल सोरी, पीलू राम साहू, वारुणी दिल्लीवार, प्रेम सिंह कोलियारे, याद राम साहू, कैलाश नाथ साहू, तुलसी साहू, वीरेंद्र कुमार बघेल, केजूराम इस्दा, कैलाश बारले, डोमार सिंह नायक, मंगल सिंह लारिया, ओम प्रकाश साहू, बालसिंह साहू, आत्माराम गौतम, तुलाराम ठाकुर, अशोक साहू, उर्मिला साहू, कौशल्या बागमरिया, बोधनी बाई सावनक, छन्नीबाई ठाकुर, राधा पटेल, केसर यदु, कपिल केसरा एवं शिवेंद्र झारिया सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के परिजन उपस्थित रहे।

गोष्ठी में आगामी कार्यक्रम को गांव-गांव तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को युग निर्माण, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

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