बालोद/झलमला। बिजली बिल में नाम की त्रुटि सुधारने को लेकर उपभोक्ताओं को अलग-अलग वितरण केंद्रों में अलग अनुभवों से गुजरना पड़ रहा है। बालोद जिले के झलमला वितरण केंद्र से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां उपभोक्ता लोकनाथ साहू का दावा है कि विभागीय स्तर पर हुई नाम की तकनीकी त्रुटि सुधारने के लिए आवेदन भेजे जाने के बावजूद कई दिनों से कोई कार्रवाई नहीं हुई। उपभोक्ता के अनुसार नाम में अंतर के कारण उसे ई-केवाईसी कराने में भी परेशानी हो रही है।
लोकनाथ साहू के अनुसार, वर्तमान में वे रायपुर के माना कैंप क्षेत्र के पास रहते हैं। वहां के बिजली बिल में भी नाम के आगे गलती से ‘SH’ शब्द जुड़ गया था। उन्होंने स्थानीय बिजली कार्यालय में आवेदन और आधार कार्ड की प्रति प्रस्तुत की, जिसके बाद उनके अनुसार नाम की त्रुटि तत्काल सुधार दी गई।
इसके विपरीत, बालोद जिले के झलमला वितरण केंद्र से संबंधित बिजली कनेक्शन में उनका नाम “SRI LOKNATH SAHU/SUKHDEO” दर्ज है। उपभोक्ता का कहना है कि यह त्रुटि विभागीय स्तर पर हुई है। इसे सुधारने के लिए उन्होंने 29 सितंबर 2026 की रात 8:45 बजे आधिकारिक कस्टमर केयर ईमेल के माध्यम से कनिष्ठ अभियंता, झलमला के नाम आवेदन और आवश्यक दस्तावेज भेजे थे। उनके अनुसार 9 दिन बीतने के बाद भी उपभोक्ता क्रमांक 1001746388 में नाम सुधार को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
1912 से झलमला कार्यालय तक भटकता रहा मामला
उपभोक्ता के मुताबिक ईमेल पर कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने बिजली विभाग के टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क किया। वहां से उन्हें संभागीय कार्यालय बालोद से संपर्क करने की सलाह दी गई। बालोद कार्यालय से मामला झलमला वितरण केंद्र का बताकर संबंधित कार्यालय से संपर्क करने को कहा गया। उपभोक्ता का आरोप है कि झलमला कार्यालय से भी उन्हें व्यक्तिगत रूप से कार्यालय आने की बात कही गई।
दूसरे उपभोक्ता की समस्या भी सामने आई
लोकनाथ साहू ने बताया कि झलमला क्षेत्र में रहने वाले उनके एक रिश्तेदार के बिजली बिल में भी नाम संबंधी त्रुटि है। उनके अनुसार रिश्तेदार ने करीब 15 से 20 दिन पहले कार्यालय में आवेदन दिया था, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। वहीं मोर बिजली ऐप पर ई-केवाईसी करते समय “नाम में अंतर (Connection Name v/s Aadhaar Name)” का संदेश दिखाई दे रहा है।
उपभोक्ता का कहना है कि आजीविका के लिए 150 से 200 किलोमीटर दूर रहने वाले लोगों के लिए छोटी तकनीकी त्रुटि के समाधान के लिए बार-बार कार्यालय जाना मुश्किल है। उन्होंने मांग की है कि बिजली विभाग रायपुर की तरह बालोद एवं झलमला क्षेत्र में भी ईमेल और कार्यालय के माध्यम से प्राप्त नाम सुधार आवेदनों का समयबद्ध निराकरण करे, ताकि उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी जैसी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी न हो।
विभाग का पक्ष: इस मामले में झलमला वितरण केंद्र अथवा संबंधित विद्युत अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जा सकता है।


