देवरी। संकुल केंद्र कर्रेगांव अंतर्गत प्राथमिक शाला करकुटोला, कर्रेगांव एवं भूताटोला का मुकुंद राय द्वारा अवलोकन किया गया। इस दौरान विद्यालयों में बच्चों की सीखने की स्थिति, रिमेडियल कक्षा के संचालन एवं शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर शिक्षकों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।
अवलोकन के दौरान बच्चों की सीखने की स्थिति के आधार पर समूह निर्धारण तथा सीखने के परिणामों के अनुरूप गतिविधियों के संचालन पर जोर दिया गया। साथ ही बेसलाइन आकलन की प्रक्रिया, उसके उद्देश्य एवं आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। भाषा विषय में 50 प्रतिशत से अधिक तथा गणित में 70 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि के आधार पर बच्चों की सीखने की स्थिति को समझने और उसी के अनुरूप शैक्षणिक योजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
शिक्षकों को शिक्षक निर्देशिका के अनुसार संभव अभ्यास पुस्तिका की गतिविधियों को बच्चों की आवश्यकता के अनुरूप संचालित करने तथा उन्हें पर्याप्त अभ्यास एवं सहभागिता के अवसर देने के लिए प्रेरित किया गया। बेसलाइन आकलन के आधार पर बच्चों के समूह बनाकर संभव अभ्यास पुस्तिका एवं टीएलएम के सहयोग से रिमेडियल कार्ययोजना लागू करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
हिंदी में पठन कौशल विकसित करने के लिए विभिन्न पठन रणनीतियों तथा गणित में बच्चों की सोच एवं समझ विकसित करने के लिए ‘क्यों’ और ‘कैसे’ जैसे प्रश्नों के उपयोग पर चर्चा की गई। शिक्षकों को अगले दिन से बेसलाइन आकलन शुरू कर निर्धारित लिंक पर जानकारी दर्ज करने तथा रिमेडियल शिक्षण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए रिमेडियल कक्षा, बेसलाइन आकलन एवं संभव अभ्यास पुस्तिका से संबंधित अपने प्रश्न, अनुभव और सुझाव साझा किए। पूर्व रिमेडियल अभियान के अनुभवों तथा कक्षा-कक्ष में आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
अवलोकन के दौरान शिक्षकों में रिमेडियल शिक्षण, बेसलाइन आकलन और बच्चों की सीखने की स्थिति के आधार पर शैक्षणिक सहयोग को लेकर स्पष्टता विकसित हुई। संभव अभ्यास पुस्तिका, शिक्षक निर्देशिका एवं टीएलएम के समन्वित उपयोग के साथ रिमेडियल कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया।



