बालोद। राज्य कर्मचारी संघ के तत्वावधान में 3 अक्टूबर को कुर्मी भवन बालोद में सम्मान समारोह एवं शैक्षिक संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से आए सैकड़ों शिक्षक, प्राचार्य, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष अश्विनी चेलक ने की। इस अवसर पर प्रांतीय महामंत्री बोधी राम निषाद, नगर पालिका अध्यक्ष बालोद प्रतिभा चौधरी, शिक्षा प्रकोष्ठ प्रमुख वीरेंद्र देवांगन तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला बालोद के सह संघचालक राजेश्वर राव क्रिदत्त विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती, ॐ एवं मां सरस्वती के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना के साथ हुआ। रीमा सोरी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, वहीं जिला सचिव गजेंद्रपुरी गोस्वामी ने संघ गीत का गायन कराया। इसके बाद शिक्षा एवं प्रशासनिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संगठन के सदस्यों राजेश पिस्दा, पंकज सोनी, नेम सिंह साहू, लाल रघुवीर सिंह टेकाम एवं विवेक ध्रुव को मुख्य अतिथि एवं प्रांत अध्यक्ष द्वारा सम्मानित किया गया। सेवानिवृत्त प्राचार्य मुन्नालाल गौतम का भी अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया।
शिक्षा में नवाचार और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था पर हुई चर्चा
मुख्य अतिथि राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम ने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार कैसे लाया जाए, शासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों तथा आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में होने वाले बदलावों पर अपने विचार रखे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र को आगे ले जाने के लिए सभी से सहयोग की अपेक्षा की।
प्रांत अध्यक्ष अश्विनी चेलक ने संगठन की ओर से मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के साथ कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर हुई चर्चाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर सार्थक चर्चा हो चुकी है और जल्द ही इस संबंध में निर्णय आने की उम्मीद है। प्रांतीय महामंत्री बोधी राम निषाद ने संगठन की एकता तथा पूरे छत्तीसगढ़ में राज्य कर्मचारी संघ की वार्षिक कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न जिलों में चल रहे सदस्यता अभियान की भी जानकारी साझा की।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने कहा कि वह राज्य कर्मचारी संघ के आयोजनों में हमेशा उपस्थित रही हैं और इसे अपना सम्मान मानती हैं। उन्होंने संगठन को शासन स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। शिक्षा प्रकोष्ठ प्रमुख वीरेंद्र देवांगन ने राज्य कर्मचारी संघ द्वारा शिक्षकों की मांगों को लेकर किए जा रहे प्रयासों तथा शिक्षा मंत्री के साथ हुई चर्चाओं की जानकारी दी। राजेश्वर राव क्रिदत्त ने संगठन के कार्यों की सराहना करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता बताई।
शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर जिला अध्यक्ष ने सौंपा ज्ञापन
राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र देशलहरे ने शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से रखा गया।
प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—
- प्रदेश में कार्यरत एलबी संवर्ग के शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर समस्त लाभ प्रदान किया जाए।
- पूर्व से नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए तथा टीईटी के कारण किसी भी शिक्षक की पदोन्नति नहीं रोकी जाए।
- व्याख्याता, प्रधान पाठक माध्यमिक शाला, प्रधान पाठक प्राथमिक शाला एवं उच्च वर्ग शिक्षकों को शासन के व्यय पर बीएड कराया जाए।
- वीएसके ऐप को पूरी तरह बंद किया जाए तथा इसके स्थान पर स्कूलों में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया जाए।
- वीएसके ऐप के कारण किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं रोका जाए।
ज्ञापन पर राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम ने कहा कि शिक्षकों की मांगें जायज हैं और इनके संबंध में शासन स्तर पर लगातार प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी शिक्षक का अहित नहीं होने दिया जाएगा तथा शासन द्वारा शिक्षकों के हित में निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा। उनके इस आश्वासन का उपस्थित शिक्षकों एवं प्राचार्यों ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया। इस दौरान भारत माता के जयकारों से सभा स्थल गूंज उठा।
शैक्षिक संगोष्ठी में शिक्षकों ने रखे सुझाव
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में शिक्षक संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें जिलेभर से आए शिक्षकों एवं प्राचार्यों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, शिक्षकों में नवाचार लाने, अनावश्यक प्रयोगों को बंद करने तथा आंगनबाड़ी से लेकर हायर सेकंडरी विद्यालय तक शिक्षा को उत्कृष्ट बनाने के विषय पर अपने विचार रखे।
राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम ने शिक्षकों एवं प्राचार्यों के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और कई सुझावों को अपनी पुस्तिका में नोट किया। उन्होंने बताया कि इन विषयों को लेकर जल्द ही प्रांत से लेकर खंड स्तर तक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी और सुझावों पर विचार कर आवश्यक निर्णय लेने की दिशा में काम किया जाएगा।
जिला सचिव गजेंद्रपुरी गोस्वामी ने राज्य कर्मचारी संघ जिला बालोद की वार्षिक कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने जिले में चलाए जा रहे व्यापक सदस्यता अभियान की जानकारी दी तथा विधिवत आजीवन सदस्य बने शिक्षकों के संबंध में भी जानकारी साझा की।
राज्य शिक्षा आयोग अध्यक्ष सहित सभी अतिथियों को भेंट किया गया ‘दर्शन बालोद’ का विशेषांक
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण दर्शन बालोद मासिक पत्रिका के शिक्षक दिवस विशेषांक का अतिथियों को भेंट किया जाना रहा। दर्शन बालोद के प्रधान संपादक दीपक यादव ने राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम सहित कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों को पत्रिका की एक-एक प्रति भेंट की।
इस अवसर पर दर्शन बालोद के शिक्षक दिवस विशेषांक की अतिथियों ने सराहना की। राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम ने भी प्रधान संपादक दीपक यादव द्वारा प्रकाशित पत्रिका की प्रशंसा की।
कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियां एवं विशेष बिंदु—
- राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम सहित सभी अतिथियों को दर्शन बालोद शिक्षक दिवस विशेषांक की एक-एक प्रति भेंट की गई।
- राज्य शिक्षा आयोग अध्यक्ष सुधीर गौतम ने दर्शन बालोद पत्रिका की सराहना की।
- 教育 एवं प्रशासनिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संगठन के सदस्यों का सम्मान किया गया।
- सेवानिवृत्त प्राचार्य मुन्नालाल गौतम का सम्मान किया गया।
- शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर जिला अध्यक्ष वीरेंद्र देशलहरे ने राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा।
- शैक्षिक संगोष्ठी में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, नवाचार और गुणवत्ता को लेकर शिक्षकों ने सुझाव दिए।
- आयोग अध्यक्ष ने शिक्षकों के सुझावों को अपनी पुस्तिका में नोट किया।
जिलेभर से पहुंचे संगठन के पदाधिकारी एवं शिक्षक
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी बालोद दीपक दुबे भी उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का संपूर्ण कवरेज, फोटोग्राफी एवं स्वागत संबंधी व्यवस्थाएं जिला मीडिया प्रभारी अमित श्रीवास्तव द्वारा की गईं।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भागवत चतुर्वेदी, लोमन राणा, गेंदलाल साहू, तुलसी डोंगरे, प्रदीप साहू, भेद कोसले, संजय रात्रे, रीमा सोरी, मनोरमा कुंभज, चेतन यादव, कैलाश नंद, अजय शर्मा, घनाराम देशमुख, दिनेश मालेकर, विवेक ध्रुव, राजेश पिस्दा, मनीष यादव, राजेश साहू, नरेंद्र जांगड़े, सुरेश देशमुख, पंकज सोनी, ओमप्रकाश गेडरे, हरिश रावटे, होरीलाल पटेल, शत्रुघ्न शाह, भेखराम साहू एवं ललिता सोरी सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विकासखंड स्तर पर बालोद अध्यक्ष चमन कलिहारी, सचिव नेम सिंह साहू, विष्णु राम साहू, मुरारी प्रसाद सोनवानी, गुरुर अध्यक्ष नरेंद्र साहू, सचिव स्वदेश तिवारी, योगेश ठाकुर, डौंडी अध्यक्ष हेमलाल सहारे, सचिव आर.एस. नेताम, लेखराम सोनबोइर, डौंडीलोहारा अध्यक्ष गजेंद्र खरे, सचिव महेश जगनायक, राकेश जोगी, राजेश पांडे, गुंडरदेही अध्यक्ष घनश्याम साहू एवं सचिव प्रवीण सहारे उपस्थित रहे।
इसके साथ ही कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक लोकेश साहू, लिपिक वर्ग के जिला अध्यक्ष राजेश घोड़ेसवार तथा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रोहित देशमुख सहित जिलेभर से सैकड़ों शिक्षक एवं प्राचार्य कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में संगठन मंत्री विकास शर्मा ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। जिला सचिव द्वारा शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।








