वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, वेतन विसंगति दूर करने समेत कई मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन
बालोद। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर जिले के सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याता 25 अगस्त को ‘टेट मुक्ति रैली’ निकालकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे। रैली के बाद मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं डीपीआई के नाम कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
मोर्चा के जिला संयोजक दिलीप साहू एवं जितेंद्र शर्मा ने जिले के सभी शिक्षकों से रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। पदाधिकारियों के अनुसार शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है।
पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग
शिक्षक संघर्ष मोर्चा का कहना है कि 17 अगस्त 2012 के छत्तीसगढ़ राज्यपत्र में शिक्षक पंचायत संवर्ग भर्ती एवं सेवा की शर्तों के नियम के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है। मोर्चा की प्रमुख मांग है कि इस तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए तथा उन्हें वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
सेवा सुरक्षा और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
शिक्षकों द्वारा 17 अगस्त 2012 के बाद सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पूर्व सेवा अवधि की गणना कर पूर्ण पेंशन का लाभ देने तथा वेतन विसंगति दूर कर केंद्रीय वेतनमान के आधार पर वेतन निर्धारण करने की मांग भी की जा रही है।
इसके अलावा 13 फरवरी 2026 के विसंगतिपूर्ण नए भर्ती एवं पदोन्नति नियम को निरस्त करने तथा प्रशिक्षित सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याताओं के लिए बीएड संबंधी विभागीय ब्रिज पाठ्यक्रम संचालित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रहेगी।
मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि 25 अगस्त की रैली शिक्षकों के सेवा, सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई को मजबूती देने का माध्यम होगी। उन्होंने जिले के सभी शिक्षक साथियों से एकजुट होकर आंदोलन में सहभागी बनने का आह्वान किया है।
