ब्रह्माकुमारीज के ‘10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान’ के तहत हुआ आयोजन, सांसद भोजराज नाग और विधायक संगीता सिन्हा ने भी दिलाई प्रतिज्ञा
बालोद, 21 अगस्त 2026। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद के तत्वावधान में संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी के पुण्य स्मृति दिवस के अवसर पर चलाए जा रहे ‘10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान’ के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों एवं गांवों में नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में सरस्वती शिशु मंदिर, कान्हा पब्लिक स्कूल तथा ग्राम मेढ़की, बघमरा एवं ओरमा में लोगों को नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा दिलाई गई। अभियान का संचालन बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी के मार्गदर्शन में बी.के. सरिता दीदी, बी.के. पूर्णिमा दीदी, बी.के. नेहा दीदी एवं बी.के. मनीष भाई के प्रतिनिधित्व में किया जा रहा है।
मेढ़की में 300 लोगों ने ली नशामुक्ति की शपथ
ग्राम मेढ़की में आयोजित कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, संजारी बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी सहित जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
इस दौरान लगभग 300 लोगों ने नशामुक्ति की प्रतिज्ञा ली और नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प लिया।
ब्रह्माकुमारी बहनों की सेवाभावना को सांसद ने सराहा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद भोजराज नाग ने कहा कि भारत दुनिया को शांति का मार्ग दिखाने वाला देश है। इसी तरह ब्रह्माकुमारी बहनें भी पूरे विश्व को शांति का मार्ग दिखाने का कार्य कर रही हैं और निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने संस्था के सेवाभाव को नमन किया।
अच्छी आदतों और सकारात्मक सोच से नशे से मुक्ति संभव
बी.के. सरिता दीदी ने नशे की शुरुआत, उसके कारण, दुष्परिणाम एवं समाधान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई लोग मानते हैं कि नशे की आदत लगने के बाद उससे बाहर निकलना कठिन है, लेकिन अच्छी आदतों का विकास, सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता, सकारात्मक चिंतन, राजयोग मेडिटेशन और आध्यात्मिक गतिविधियों में समय देकर नशे से मुक्ति की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
वहीं बी.के. मनीष भाई ने कहा कि व्यक्ति नशे की ओर तब बढ़ता है, जब उसका मन कमजोर होता है। मन को सशक्त बनाकर व्यसन से मुक्ति पाना आसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि राजयोग की शिक्षा मन को शक्तिशाली बनाने का माध्यम है और इसके नियमित अभ्यास से व्यक्ति नशामुक्त जीवन की ओर बढ़ सकता है।
4 अगस्त से देशभर में चल रहा अभियान
गौरतलब है कि ‘10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान’ भारत सरकार एवं ब्रह्माकुमारीज के संयुक्त तत्वावधान में 4 अगस्त 2026 से देशभर में चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना है।





